न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

विपक्षी एकता : छह सीटों पर कांग्रेस, झामुमो और झाविमो के बीच झकझूमर

एक दूसरे की सीट पर दावेदारी हुई तो खतरे में पड़ सकती है विपक्षी एकता

4,435

RAVI/PRAVIN

RANCHI: लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता की कवायद जारी है. लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि सीट बंटवारा आसान नहीं है. विपक्षी दलों की दावेदारी को सुलझाना पेचीदा भी है. विपक्षी दलों द्वारा एक दूसरे की सीट में दावेदारी हुई तो विपक्षी एकता दांव पर भी लग सकती है. पिछले लोकसभा चुनाव (2014) के  वोट प्रतिशत पर नजर डालें तो कांग्रेस 13.48 फीसदी, झाविमो 12.25 फीसदी, झामुमो 9.4 फीसदी, राजद 1.66 फीसदी और वामदालों ने 1.14 फीसदी वोट हासिल किया था. जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3.33 फीसदी वोट हासिल किया. इस हिसाब से छह सीटों पर कांग्रेस, झाविमो और झामुमो के बीच सीट बंटवारे को लेकर मशक्कत करनी पड़ सकती है.

वाम दलों को भी साथ लाना जरूरी

भाजपा को शिकस्त देने के लिए वाम दलों को भी महागठबंधन के प्लेटफॉर्म तक लाना होगा. क्योंकि दो सीट, कोडरमा और धनबाद में वाम दलों का जनाधार काफी मजबूत है. कोडरमा में वाम दल के उम्मीदवार राजकुमार यादव पिछले चुनाव में 266756 वोट हासिल कर दूसरे नंबर पर रहे थे. वहीं धनबाद में मार्क्सवादी कोऑर्डिनेशन कमेटी के उम्मीदवार आनंद महतो को 110185 वोट मिले थे. इन सीटों पर वाम दलों को साथ लेकर चलना होगा.

किस सीट पर किसका दावा, कहां है पेंचः

राजमहल में झामुमो का दावा

राजमहल सीट पर झामुमो के उम्मीदवार विजय हांसदा वर्तमान में सांसद हैं. वहीं दूसरे पर भाजपा रही थी. तीसरे नंबर पर झाविमो का उम्मीदवार था. इस सीट पर झाविमो की भी नजर है. झाविमो उम्मीदवार अनिल मुर्मू ने 97374 वोट हासिल किया था, जो कि कुल वोट का 10.23 फीसदी रहा था. इस सीट को झामुमो को देने पर सहमति बन सकती है.

झामुमो का गढ़ रहा है दुमका

दुमका सीट से झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन सांसद हैं. शिबू सोरेन को इस सीट पर झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी शिकस्त दे चुके हैं. फिलहाल इस सीट से शिबू सोरेन सांसद हैं. शिबू सोरेन को 335815 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर भाजपा रही थी. तीसरे नंबर पर झाविमो के उम्मीदवार बाबूलाल मरांडी रहे थे. यह सीट भी झामुमो के खाते में जा सकती है.

गोड्डा के गढ़ में करनी होगी सेंधमारी

विपक्ष को गोड्डा सीट पर जीत हासिल करने के लिए एकता दिखानी होगी. इस सीट से भाजपा के निशिकांत दूबे सांसद है. पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर कांग्रेस के फुरकान अंसारी रहे थे और तीसरे नंबर पर प्रदीप यादव थे. इस सीट पर कांग्रेस के साथ झाविमो भी दावा कर सकती है. कांग्रेस इस सीट को लेने के लिए एड़ी चोटी लगा सकता है.

चतरा सीट में भी फंस सकता है पेंच

चतरा से भाजपा के सुनील कुमार सिंह सांसद हैं. इस सीट पर दूसरे नंबर पर कांग्रेस के धीरज साहू और तीसरे नंबर पर झाविमो की नीलम देवी रही थी. धीरज साहू को 117836 और नीलम देवी को 104176 वोट मिले थे. इस सीट पर कांग्रेस और झाविमो दोनों ही दावेदारी ठोंक सकते हैं.

कोडरमा में माले कर सकता है दावा

कोडरमा से भाजपा के रवींद्र राय सांसद हैं. दूसरे नंबर पर माले के राजकुमार यादव रहे थे. तीसरे नंबर पर झाविमो के प्रणव कुमार वर्मा रहे थे. माले उम्मीदवार राजकुमार यादव को 266756 वोट मिले थे. इस सीट पर माले दावेदारी कर रहा है. जबकि झाविमो की भी नजर इस सीट पर है. झाविमो उम्मीदवार को पिछले चुनाव में 160638 वोट मिले थे.

गिरिडीह में झामुमो और झाविमो का दावा

गिरिडीह सीट में झामुमो और झाविमो दोनों दावा कर सकता है. पिछले चुनाव में झामुमो उम्मीदवार जगन्नाथ महतो को 351600 वोट मिले थे. जबकि झाविमो उम्मीदवार को 57300 वोट मिले थे. यह सीट झामुमो को देने पर सहमति बन सकती है. लेकिन दोनों दल फिलहाल अपना-अपना दावा ठोंक रहे हैं.

धनबाद सीट कांग्रेस को मिल सकती है

धनबाद में कांग्रेस के उम्मीदवार अजय कुमार दूबे दूसरे स्थान पर रहे थे. उन्हें 250537 वोट मिले थे. जबकि मार्क्सवादी कोऑर्डिनेशन कमेटी के उम्मीदवार आनंद महतो को 110185 वोट मिले थे. अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह सीट कांग्रेस को मिल सकती है. इसके लिए वामदलों को साथ लेना होगा.

 रांची सीट में कांग्रेस को छोड़ कोई दावेदार नहीं

रांची सीट में भाजपा के रामटहल चौधरी सांसद हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस के सुबोधकांत सहाय दूसरे नंबर पर रहे थे. उन्हें 249426 वोट मिले थे. इस सीट पर झामुमो व झाविमो का कोई कद्दावर नेता सामने नहीं है. इस हिसाब से यह सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है.

जमशेदपुर में कांग्रेस, झामुमो और झाविमो दोनों की दावेदारी

जमशेदपुर सीट पर पेंच फंस सकता है. पिछले चनाव में झाविमो उम्मीदवार के रूप में डॉ अजय कुमार ने चुनाव लड़ा था. उन्हें  364277 वोट मिले थे. जबकि झामुमो उम्मीदवार 138109 वोट मिले थे. इस सीट पर दोनों दलों की दावेदारी है. जबकि अब कांग्रेस के टिकट पर अजय कुमार भी अपनी किस्मत आजमा सकते हैं.

कांग्रेस के खाते में जा सकती है सिंहभूम सीट

सिंहभूम सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. क्योंकि मधु कोड़ा जय भारत पार्टी अब कांग्रेस में शामिल हो गई है. पिछले चुनाव में गीता कोड़ा 215607 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रही थी. वहीं कांग्रेस ने चित्रसेन सिंकू ने 111796 वोट हासिल किये थे.

खूंटी में कांग्रेस ठोंक सकता है दावेदारी

खूंटी से वर्तमान में भाजपा के कड़िया मुंडा सांसद है. इस सीट पर झापा का जनाधार कम हो गया है. कोलेबिरा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद कांग्रेस इस सीट पर मजबूत दावेदारी ठोंक सकता है.

लोहरदगा में कांग्रेस और झामुमो के बीच संघर्ष

लोहरदगा सीट पर कांग्रेस और झामुमो के बीच पेंच फंस सकता है. पिछले चुनाव में कांग्रेस के रामेश्वर उरांव 220177 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे. वहीं झामुमो में शामिल हुए चमरा लिंडा 118355 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. इस हिसाब से इस सीट पर कांग्रेस और झामुमो दोनों की दावेदारी है.

पलामू में सीट को लेकर राजद और झाविमो के बीच झकझूमर

पलामू सीट में राजद और झाविमो के बीच झकझूमर हो रहा है. दोनों इस सीट पर दावा ठोंक रहे हैं. पिछले चुनाव में राजद के मनोज कुमार 212571 वोट लाकर दूसरे नंबर पर रहे थे. वहीं झाविमो उम्मीदवार धूरन राम 156832 वोट लाकर तीसरे नंबर पर रहे थे. इस पेंच को सुलझाना आसान नहीं होगा.

हजारीबाग सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है

अगर महागठबंधन हुआ तो हजारीबाग सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सौरभ नारायण सिंह को 247803 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर आजसू उम्मीदवार लोकनाथ महतो रहे थे.

पिछले चुनाव में किस दल का क्या था वोट प्रतिशतः 

भाजपा:  40.71 फीसदी
कांग्रेस:  13.48 फीसदी
जेवीएम: 12.25 फीसदी
झामुमो: 9.42 फीसदी
वामदल: 1.14 फीसदी
आजसू: 3.77 फीसदी
आरजेडी:1.66 फीसदी
निर्दलीय: 3.33 फीसदी

 

इसे भी पढ़ेंः मशहूर फिल्मकार पद्म भूषण मृणाल सेन का 95 वर्ष की उम्र में कोलकाता में निधन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: