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कृषि विधेयकों का विरोध: किसान सभा ने कहा- केन्द्र सरकार के निर्णय से बर्बाद हो जाएंगे किसान

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Ranchi. केन्द्र सरकार के तीन कृषि विधेयकों का विरोध झारखंड में भी तेज हो गया है. किसान समन्वय संघर्ष समिति की द्वारा शुक्रवार को कृषि विधेयकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान अल्बर्ट एक्का चौक से राजभवन तक मार्च निकाला गया. इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, किसान महासभा के कार्यकर्ता शामिल हुए.

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इस दौरान किसान सभा के सुरजीत सिन्हा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों से झूठ बोल रही है. लगातार तीन वर्षों से किसानों की आमदनी दोगुनी करने के नाम पर धोखा दिया जा रहा है. तीनों काले कानून लागू होने से किसान बर्बाद हो जाएंगे. किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिल पायेगा. देश में कंपनी राज्य स्थापित होगा. अडानी-अंबानी खेती करेंगे.

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उन्होंने कहा कि अपने ही खेत में किसान मजदूरी करेंगे. जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर अंकुश समाप्त हो जायेगा. देश के संसद को शर्मसार कर सरकार ने बिल पास कराया. जबकि विपक्ष के लोग चर्चा करने की मांग संसद में कर रहे थे. बता दें 25 सितंबर को इसी बिल के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया. जिसके समर्थन में राज्य के किसानों ने प्रदर्शन किया.

बगैर वोटिंग बिल पास कराया

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने बगैर वोटिंग के बिल को पास कराया. सरकार हठधर्मिता को अपनाते हुए देश को बर्बाद कर रही है. एकाएक नोटबंदी फिर जीएसटी और तालाबंदी से देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी. अब सरकार की नजर किसानों के खेत पर है. इसलिए लगातार सरकार किसानों पर हमला बोल रही है. सार्वजनिक संस्थानों को सरकार बेच रही है.

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सरकार को अभी चाहिये कि अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर ध्यान दें. सरकार के इन कदमों के विरोध में देश के 300 किसान संगठनों एवं 18 राजनीतिक दल इस काले कानून का विरोध कर रहे हैं. इस दौरान महेंद्र पाठक, सिटु भुवनेश्वर केवट, अजय कुमार सिंह, सच्चिदानंद मिश्रा, मेहुल मृगेंद्र, उमेश नजीर बीरेनदर कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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