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लोकसभा में ऑडियो प्ले करने के लिए राहुल के इजाजत मांगने पर हंगामा

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New Delhi : लोकसभा में राफेल मुद्दे पर चर्चा के दौरान उस समय नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गोवा के एक मंत्री का राफेल विमान सौदे से संबंधित कथित बातचीत का वीडियो चलाने की अनुमति अध्यक्ष से मांगी. लेकिन आसन द्वारा नियमों का हवाला देते हुए इसकी इजाजत उन्हें नहीं दी गयी. निचले सदन में राफेल मामले की चर्चा की शुरुआत के दौरान गांधी ने कहा कि वह राफेल से जुड़ा गोवा के एक मंत्री की बातचीत का ऑडियो प्ले करने की इजाजत चाहते हैं.

इस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह ऑडियो सदन में प्ले नहीं कर सकते. गांधी ने कहा कि क्या वह ऑडियो का लिखित ब्यौरा पढ़ सकते हैं? इस दौरान सत्तापक्ष के सदस्यों ने ऑडियो प्ले करने या लिखित ब्यौरा पढ़ने की गांधी की कोशिश का कड़ा विरोध किया और फिर दोनों तरफ से तीखी नोंकझोंक देखने को मिली. वित्त मंत्री अरूण जेटली ने विरोध करते हुए कहा कि पिछले बार जब राहुल गांधी ने फ्रांस के राष्ट्रपति से संबंधित बयान का जिक्र किया था तब वहां के राष्ट्रपति ने उनके बात का खंडन किया था. इस बार एक वीडियो का जिक्र कर रहे हैं. क्या उस वीडियो की पुष्टि करते हैं ? या फिर यह विशेषाधिकार हनन और सदन से निष्कासन का मामला भी बनता है.

लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी पहले इस ऑडियो को सत्यापित करें. गांधी ने कहा कि वह अगर सत्तापक्ष के लोगों की खुशी इसी में है तो वह ऑडियो प्ले नहीं करेंगे. इस पर जेटली ने कहा कि यह ऑडियो झूठा है, इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष ने इसकी पुष्टि नहीं की. उन्होंने बताया कि राफेल दस्तावेज 2012 में कांग्रेस सरकार के रक्षा मंत्री की मेज पर पहुंचा. उन पर एक तरफ सेना और दूसरी तरफ पार्टी का दबाव था. जेटली ने तंज कसते हुए कहा, ‘रक्षा मंत्री एक सिंपल मैन थे. उन्होंने कहा कि मैं मंजूरी देता हूं राफेल की लेकिन जिस प्रक्रिया से इसे चुना गया है कि इस पर फिर से विचार किया जाए. यूपीए सरकार ने इस देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है.’

इस दौरान संसद में विपक्ष के सांसदों ने कागज के जहाज बनाकर उड़ाए. जेटली ने कहा कि हमारी सरकार आने पर आर्मी के अफसरों ने बताया था कि दुश्मनों के पास 400 से ज्यादा लड़ाकू विमान हैं और हमारे पास आधुनिक प्लेन कम हो रहे हैं.  इस दौरान हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी.

 

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