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कंप्यूटर जासूसी के अधिकार पर विपक्ष का हमला, मोदी सरकार नागरिकों की आजादी छीनना चाहती है  

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी कॉल या कंप्यूटर डेटा इंटरसेप्ट करने के अधिकार के नोटिफिकेशन पर राजनीतिक तूफान मच गया है.  बता दें कि सरकार के नये नोटिफिकेशन के अनुसार 10 केंद्रीय  एजेंसियों को सरकार ने कंप्यूटर पर निगरानी रखने का अधिकार दे दिया है.

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NewDelhi : केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी कॉल या कंप्यूटर डेटा इंटरसेप्ट करने के अधिकार के नोटिफिकेशन पर राजनीतिक तूफान मच गया है.  बता दें कि सरकार के नये नोटिफिकेशन के अनुसार 10 केंद्रीय  एजेंसियों को सरकार ने कंप्यूटर पर निगरानी रखने का अधिकार दे दिया है.  सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और एआईएमआईएम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि अगर कोई आपके कंप्यूटर को मॉनिटर कर रहा है तो हम ऑरवेलियन स्टेट की तरफ जा रहे हैं. बता दें कि ऑरवेलियन स्टेट का संदर्भ यह है कि जॉर्ज ऑरवेल ने एक किताब लिखी थी जिसका शीर्षक था 1984. इसमें समय से आगे एक समय की कल्पना की गयी है, जिसमें राज सत्ता लोगों को आजादी देने के पक्ष में नहीं है. जिसकी वजह से वह नागरिकों पर नजर रखती है. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कांग्रेस नेता और राज्यसभा सासंद अहमद पटेल ने कहा कि सरकार का यह कदम चिंताजनक है.

यह आदेश असंवैधानिक है

सरकार के इस कदम से लोगों के डाटा के दुरुपयोग होने की संभावना बढ़ जायेगी. गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, आप नेता संजय सिंह, राजद नेता मनोज झा और टीएमसी नेता सुखेन्दू रॉय ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है. इस क्रम में आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार भारत को सर्विलांस स्टेट बनाना चाहती है.  नोटिफिकेशन को लेकर टीएमसी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है. कहा कि कानून के अनुसार जासूसी खतरनाक है.  सीताराम येचुरी ने नोटिफिकेशन को असंवैधानिक बताते हुए ट्वीट किया कि प्रत्येक भारतीय के साथ अपराधी की तरह व्यवहार क्यों किया जा रहा है? यह आदेश असंवैधानिक है.

किस-किस एजेसिंयों को जांच का अधिकार

गृह सचिव राजीव गोबा के हस्ताक्षर वाला  नोटिफेकेशन गुरुवार को जारी किया गया है. गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार देश की 10 सुरक्षा एजेंसियां किसी भी व्यक्ति के कंप्यूटर में जेनरेट, ट्रांसमिट, रिसीव और स्टोर किये  गये किसी दस्तावेज को देख सकता है. बता दें कि 10 एजेंसियों में आसूचना ब्यूरो, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, राजस्व आसूचना निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण, मंत्रिमंडल सचिवालय (रॉ), सिग्नल एंटेलिजेंस निदेशालय (केवल जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और असम सेवा क्षेत्रों के लिए), दिल्ली पुलिस आयुक्त शामिल हैं.

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