न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पूर्व नौकरशाहों को बीजेपी विधायक का जवाबी खुला पत्र: कहा- आपको 21 गायों की मौत नहीं दिख रही

19 दिसंबर को 83 पूर्व नौकरशाहों ने खुला पत्र लिख, योगी सरकार पर लगाये थे गंभीर आरोप

1,404

Lucknow: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा और इस दौरान मारे गये इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और एक शख्स की मौत पर आरोप-प्रत्यारोप जारी है. एक ओर 83 पूर्व नौकरशाहों ने मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ की योग्यता पर सवाल उठाते हुए देश के नाम खुला पत्र लिखा था. और मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा था. अब इस खुले खत्त के जवाब में बीजेपी विधायक संजय शर्मा ने 83 पूर्व नौकरशाहों को खुला पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि आप लोगों को दो लोगों की मौत दिख रही है. लेकिन उन 21 गायों की मौत नहीं दिख रही. अगर गोकशी नहीं की जाती तो ये घटना ही नहीं होती.

’21 गायों की मौत नहीं दिखती’

बुलंदशहर के अनूपशहर विधानसभा सीट से विधायक संजय शर्मा ने बृहस्पतिवार को एक खुला पत्र लिखा, ‘अब आप सब बुलंदशहर की घटना पर चिंतित हो. आपके कल्पनाशील दिमाग केवल दो लोग सुमित और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी की ही मौत देख पा रहे है. आपको नहीं दिख रहा है कि 21 गाय भी मरी हैं.’  साथ ही कहा कि बड़े जनाधार से निर्वाचित मुख्यमंत्री को हटाने का अधिकार केवल जनता को है.

विधायक संजय शर्मा ने पूर्व नौकरशाहों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर राजनीति करनी है तो चुनाव लड़िए. साथ ही विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि जो पार्टियां पांच राज्यों के बाद से आपसे पत्र लिखवा रही हैं, वो आपको जरूर टिकट देंगीं. विधायक ने अपने खुले पत्र में लिखा है कि आप लोग एक ऐसे मुख्यमंत्री पर एक समुदाय के प्रति दुर्भाव रखने का आरोप लगा रहे हैं, जिसने 3 दिन का इतना बड़ा कार्यक्रम कराने की अनुमति दी थी. अगर सरकार की किसी सुमदाय को लेकर कोई दुर्भावना होती तो इस आयोजन की अनुमति ही नहीं देती.

Related Posts

पी  चिदंबरम की  गिरफ्तारी मोदी सरकार का राजनीतिक षड्यंत्र, कुछ मीडिया चैनल सरकार की कठपुतली : कांग्रेस   

गिरती अर्थव्यवस्था, नौकरियों का खत्म होना और रुपये का लगातार अवमूल्यन से देश का ध्यान हटाने के लिए मोदी सरकार ने यह खेल रचा है

SMILE

उल्लेखनीय है कि 83 पूर्व नौकरशाहों ने बुधवार को एक खुला पत्र लिख कर राज्य और केन्द्र सरकार पर तीन दिसंबर को बुलंदशहर के सियाना तहसील में भीड़ के हिंसक हो जाने की घटना को ठीक ढंग से संभाल पाने में विफल होने के आरोप लगाए थे.  इन अधिकरियों ने आदित्यनाथ पर कट्टरवादी होने का आरोप लगाया था और उनके इस्तीफे की मांग की थी. ज्ञात हो कि तीन दिसंबर को हुई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक युवक सुमित की मौत हो गई थी.

इसे भी पढ़ेंःबुलंदशहर हिंसाः पूर्व नौकरशाहों ने लिखा खुला खत, कानून व्यवस्था…

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: