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जिला प्रशासन और पंडा सभा के बीच वार्ता के बाद खुला सिंह द्वार

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Dumka : बाबा बासुकिनाथ धाम में सिंह द्वार और मंदिर कार्यालय के समक्ष पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने जिला प्रशासन के विरोध में किया धरना प्रदर्शन. जिला प्रशासन से हर साल की भांति भादो मास में सिंह द्वार, पशिचमी एवं उत्तरी सहित तीनों द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोले रखने की मांग को लेकर एक दिवसीय आमरण अनशन कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया.

पंडा सभा सदस्यों ने धरना कार्यक्रम के दौरान जमकर जिला प्रशासन विरोधी नारे लगाये. कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मरक्षिणी सभा अध्यक्ष मनोज पंडा कर रहे थे. जिला प्रशासन की ओर से कई बार वार्ता का प्रस्ताव पंडा समाज को दिया गया. लेकिन पंडा समाज धरना स्थल पर ही वार्ता की मांग पर अड़े रहे. काफी मान-मानव्वोल के बाद जिला प्रशासन और पंडा समाज के बीच सभागार भवन में बैठक कर मामले में समझौता हुआ.

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कुछ गलतफहमी के कारण मामला बिगड़ा

बैठक की अध्यक्षता मंदिर न्यास बोर्ड सचिव सह एसडीओ राकेश कुमार ने की. बैठक में वर्तमान हाथी द्वार सहित एक अन्य द्वार सिंह द्वार खोलने एवं घुसपैठियों पर रोक लगाने में पंडा समाज के सहयोग करने पर सहमति बनी. मामले में न्यास बोर्ड सचिव राकेश कुमार ने बताया दो दिन पूर्व जिला प्रशासन की ओर से सिंह द्वार खोंलने का आश्वासन दिया गया था. कुछ गलतफहमी के कारण मामला बिगड़ा है. सिंह द्वार खोलने की बात पर जिला प्रशासन और पंडा सभा के बीच सहमति बनी. इस अवसर एसडीपीओ अनिवेश नैथानी, सीओ विकास कुमार त्रिवेदी, जरमुंडी थाना प्रभारी बिष्णु प्रसाद चौधरी आदि उपस्थित थे.

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