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 बोले ओपी रावत,  चुनावों के दौरान 200 कराेड़ की रकम सीज की गयी, नोटबंदी से काले धन पर फर्क नहीं पड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत एक दिसंबर को रिटायर हो गये. उनके स्थान पर सुनील अरोड़ा नये मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किये गये हैं. वे आज दो दिसंबर को अपना पदभार ग्रहण कर रहे हैं. 

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NewDelhi : मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत एक दिसंबर को रिटायर हो गये. उनके स्थान पर सुनील अरोड़ा नये मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किये गये हैं. वे आज दो दिसंबर को अपना पदभार ग्रहण कर रहे हैं.  बता दें कि ओपी रावत का कार्यकाल एक साल का रहा. इस दौरान श्री रावत ने त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, कर्नाटक और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम में चुनाव कराये. हालांकि तेलंगाना और राजस्थान में सात को वोट पड़ेंगे.  बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस ने आइडिया एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ओपी रावत से कालाधन, ईवीएम की धांधली, सोशल मीडिया का चुनावों पर प्रभाव आदि पर अपने विचार रखे. इस सवाल पर कि नोटबंदी को दो साल पूरे हो चुके हैं.  क्या इससे चुनावों के दौरान कालेधन के इस्तेमाल पर कोई प्रभाव पड़ा है? ओपी रावत का जवाब था, नोटबंदी का चुनावों के दौरान कालेधन के इस्तेमाल पर कोई फर्क नहीं पड़ा है. कहा कि हमने हाल ही में पांच राज्यों के चुनावों के दौरान 200 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड रकम सीज की है. नोटबंदी का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.

देश की 99 प्रतिशत राजनैतिक पार्टियां ईवीएम के पक्ष में

ईवीएम में धांधली संबंधित सवाल पर ओपी रावत ने कहा कि सार्वजिक जगहों, मॉल्स, म्यूजियम आदि पर मतदाताओं को जागरुक करने के लिए कैंपेन चलाये जा रहे है.  इसमें मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के बारे में जानकारी दी जाती है.  ओपी रावत ने बताया कि देश की 99 प्रतिशत राजनैतिक पार्टियां ईवीएम के पक्ष में हैं.  कहा कि ईवीएम को चेक करने के लिए राजनैतिक पार्टियों को बुलाया गया था, तो सिर्फ दो राजनैतिक पार्टियां ही सामने आयीं और वे यह कहकर आयीं थी कि वे ईवीएम के बारे में सीखना चाहते हैं; ओपी रावत ने कहा कि भारतीय ईवीएम मशीन यूनिक है और इसे हैक नहीं किया जा सकता.  बता दें कि पीएम मोदी देश में केन्द्र और राज्यों के चुनाव एक साथ कराने की बात उठा चुके हैं.  इस संबंध में  ओपी रावत ने कहा कि भारत इसके लिए तैयार है.  आजादी के बाद 1952,1957,1962 और 1967 में एकसाथ चुनाव हुए थे. लेकिन वर्तमान में  ऐसा कराने के लिए संविधान में बदलाव कर कानून बनाना होगा. एक साथ चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को लगभग 34 लाख ईवीएम की दरकार होगी, अभी हमारे पास सिर्फ 17 लाख ईवीएम हैं.

सोशल मीडिया चुनावों पर असर डाल रहा है :  चुनावों में सोशल मीडिया के पड़ रहे प्रभाव  पर ओपी रावत ने कहा कि सोशल मीडिया चुनावों पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है. भारत में चुनावों के दौरान इसके प्रभाव को कम करने के लिए सोशल मीडिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों जैसे फेसबुक, ट्विटर, गूगल आदि से बातचीत की जा रही है.  कंपनियों को कहा जा रहा है कि वह चुनावों के दौरान अपने प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल होने से रोकें और वह एडवर्टाइजमेंट, स्पॉन्सर्स आदि के नाम पर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश को रोकें. कहा कि  हम एक सोशल मीडिया हब बनाकर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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