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स्कूलों में सोलर पंप लगाने में सिर्फ देवघर जिले ने दिखायी रुचि, तीन साल लेट हुई योजना, कई पंपों की चोरी

Ranchi: जरेडा की ओर से राज्य के स्कूलों में सोलर पंप लगाये जाने थे. सोलर पंप स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत जरेडा की ओर से लगने थे. केंद्र सरकार की ओर से साल 2016 में इस अभियान की शुरूआत की गयी थी.

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राज्य के 24 जिलों में से मात्र देवघर जिले ने इस अभियान में रूचि दिखायी. अन्य किसी भी जिला में इस योजना के तहत स्कूलों में सोलर पंप नहीं लगाये गये. हालांकि अभियान में अलग-अलग मानकों पर काम अन्य जिलों में किया गया. मानकों में एक सोलर पंप है.

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2016 की सोलर पंप योजना को जरेडा की ओर से तीन साल बाद 2019 तक पूरा किया गया. 628 स्कूलों में से 589 स्कूलों में सोलर पंप लगाये गये. एक एचपी क्षमता का सोलर पंप लगाया गया है.

कुछ सोलर पंप सेट स्कूलों की भोगौलिक स्थिति, ड्राई बोरिंग, पाइप टंकी से नहीं जुड़ने संबंधी अन्य कारणों से नहीं लगाये गये. इनमें से कुछ सोलर पंप ऐसे हैं जो स्कूलों से ही चोरी हो गये.

साल 2019 में 77 और अब 50 सोलर पंप हो गये चोरी

स्कूल प्रबंधनों की अनदेखी के कारण देवघर जिला के कई स्कूलों से सोलर पंप सेट चोरी हो गये. साल 2019 की बात की जाये तो जिले में 77 स्कूलों से सोलर पंप सेट चोरी हो गये. जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जरेडा को दिये रिपोर्ट में इसका जिक्र है.

इस साल अब तक 50 सोलर पंप चोरी हो गये. जरेडा की मानें तो स्कूलों में पंप सेट लगा दिया जाता है. लेकिन इनकी देखरेख की जिम्मेवारी स्कूल प्रबंधन की होती है. सोलर पंप सेट के साथ कुछ उपकरण भी चोरी हुए है.

मरम्मत कार्य जरेडा के कार्यक्षेत्र में नहीं. फिलहाल जरेडा ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर रहा है.

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डीसी की ओर से नहीं दिखायी गयी रूचि

बता दें योजना केंद्र संचालित है. लेकिन जिलों में ये कार्य डीसी के माध्यम से होना है. साल 2016 में सिर्फ देवघर जिला ने योजना में रूचि दिखायी. डीसी की ओर से अनुशंसा किये जाने के बाद ही जरेडा की ओर से योजना के लिये टेंडर किया गया.

बता दें योजना में फंडिंग भी डीसी की ओर से की गयी. जरेडा ने सिर्फ टेंडर कराया. साल 2016 के बाद किसी भी जिला ने इसमें रूचि नहीं दिखायी और न ही जरेडा ने टेंडर किया.

इस काम के लिये मेसर्स कमला इंटरप्राइजेज और मेसर्स रेलियॉन सोलर प्राइवेट लिमिटेड को काम दिया गया.

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