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भेलवाघाटी मुठभेड़ में मारे गये तीन नक्सलियों में से एक का भाई पहुंचा शव लेने, नक्सली मानने से किया इनकार

गिरिडीह सदर अस्पताल में भाई ने कहा - दो साल पहले सेना में बहाली के लिए आवेदन कर चुका था

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Giridih: भेलवाघाटी के भतुआकुडा गांव में नक्सलियों और सीआरपीएफ के बीच हुई मुठभेड़ में अब नया मोड़ आ गया है. मुठभेड़ में जिन तीन नक्सलियों को मार गिराने का दावा गिरिडीह पुलिस ने किया है. फिलहाल उसमें एक मृतक का भाई सह जमुई के चकाई भाग संख्या एक का जिप सदस्य रामलखन मुर्मू घटना के दूसरे दिन मंगलवार की देर शाम गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचा. जहां उसने दावा किया कि उसका भाई मानिकचंद मुर्मू कोई नक्सली नहीं है. बल्कि दो साल पहले वह सेना बहाली की दौड़ प्रतियोगिता में सफल रह चुका है.

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एसपी ने निर्गत किया था चरित्र प्रमाण पत्र

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पत्रकारों से बातचीत के क्रम में रामलखन ने कई दस्तावेज भी दिखाये. इनमें उसके भाई को जमुई एसपी ने सेना बहाली के दौरान चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किया था. जिप सदस्य रामलखन ने यह भी कहा कि उसका भाई बीते रविवार की देर रात अपने घर चकाई थाना क्षेत्र के बेहरा गांव से यह कहते हुए निकला था कि वह झारखंड के सीमावर्ती गांव में संथाली आर्केस्ट्रा देखने जा रहा है. लेकिन दूसरे दिन सोमवार को उसकी गोली लगने से मौत की जानकारी मिली.

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