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#Jharkhand में हर दूसरे दिन घट रही एक नक्सल घटना, पिछले एक महीने के दौरान हुईं 15 घटनाएं

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Saurav Singh

Ranchi: झारखंड में नक्सलियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों के द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद झारखंड में सक्रिय नक्सली सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने हुए हैं. बता दें कि झारखंड में हर दूसरे दिन नक्सली औसतन एक घटना को अंजाम दे रहे हैं.

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पिछले एक महीने की बात की जाये तो झारखंड में नक्सली और उग्रवादी संगठनों के द्वारा 15 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है.

झारखंड के कई ऐसे जिले हैं जहां नक्सली कमजोर हो चुके हैं पर वहां फिर से नक्सली अपनी सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

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झारखंड के क्षेत्रों में अपने पुराने सहयोगियों से संपर्क कर रहे हैं नक्सली

मिली जानकारी के अनुसार हाल के वर्षों नक्सली झारखंड में कमजोर हुए अपने संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए फिर से सक्रिय हो रहे हैं.

पिछले एक महीने के अंदर जिस तरह से नक्सलियों की सक्रियता बढ़ी है, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि नक्सलियों ने अपनी सक्रियता को बढ़ाना शुरू कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अपने संगठन को दोबारा मजबूत करने के इरादे से झारखंड के क्षेत्रों में अपने पुराने सहयोगियों से संपर्क करना शुरू कर रहे हैं.

एक ओर पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने की कवायद कर रही है, वहीं नक्सली भी अब टूट चुके संगठन को फिर से संगठित करने के लिए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इसके पीछे नक्सलियों का मुख्‍य मकसद लेवी वसूलना है, ताकि लेवी के पैसे से वे फिर से संगठन को खड़ा कर सकें.

घटनाएं कम, लेकिन पुलिस को नुकसान ज्यादा

पिछले 5 सालों में नक्सली घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन पुलिस जवानों को इसका ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है. पिछले पांच सालों की नक्सल घटनाओं के आंकड़ों पर ध्यान दे तों वर्ष 2014 में 231, में 2015 में 196, वर्ष 2016 में 196, वर्ष 2017 में 186, वर्ष 2018 में 118 और वर्ष 2019 में अबतक 96 नक्सल घटनाएं सामने आयीं हैं.

वहीं शहीद जवान की बात करें तो वर्ष 2014 में 8, वर्ष 2015 में 4, वर्ष 2016 में 9, वर्ष 2017 में 2, वर्ष 2018 में 9 और वर्ष 2019 में अबतक 14 जवान शहीद हुए हैं.

इन पांच सालों में कई नक्सली भी मारे गये हैं. 2014 में 10, 2015 में 25, वर्ष 2016 में 21, वर्ष 2017 में 12, वर्ष 2018 में 26 और वर्ष 2019 में अबतक 26 नक्सली मारे गये हैं.

झारखंड में कई बड़े नक्सलियों का है जमावड़ा

झारखंड में कई ऐसे नक्सली हैं जिनको पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती है. बता दें कि झारखंड में कई बड़े नक्सलियों का जमावड़ा है, जिनमें एक करोड़ का ईनामी प्रशांत बोस, मिसिर बेसरा, असीम मंडल, अनल दा उर्फ तूफान शामिल हैं.

इसके अलावा महाराजा प्रमाणिक, रविन्द्र गंझू, समेत कई बड़े नक्सलियों का झारखंड में जमावड़ा है और ये नक्सली समय-समय पर नक्सल घटनाओं का अंजाम देकर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं.

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माओवादियों के खिलाफ डेवलपमेंट एक्शन प्लान चला रही पुलिस

पुलिस माओवादियों के इलाकों में सारंडा एक्शन प्लान, सरयू एक्शन डेवलपमेंट प्लान, झुमरा एरिया डेवलपमेंट एक्शन प्लान, पारसनाथ एरिया डेवलपमेंट प्लान, चतरा एरिया डेवलपमेंट एक्शन प्लान, बानालात इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान, गिरिडीह-कोडरमा बॉर्डरिंग एरिया डेवलपमेंट प्लान, दुमका-गोड्डा बॉर्डरिंग एरिया डेवलपमेंट प्लान, खूंटी-सरायकेला-चाईबासा बॉर्डरिंग एरिया एक्शन प्लान, सिमडेगा खूंटी बॉर्डरिंग एरिया एक्शन प्लान, जमशेदपुर एरिया एक्शन प्लान, पलामू-चतरा एरिया एक्शन प्लान व गढ़वा लातेहार-पलामू बॉर्डरिंग एरिया एक्शन चला रही है.

झारखंड में हर दूसरे दिन औसतन हो रही है एक नक्सल घटना

27 दिसंबर : पलामू के लेस्लीगंज थाना से सटे हाई स्कूल के समीप गुरुवार रात टीपीसी के उग्रवादियों ने जम कर उत्पात मचाया और एक हाइवा में आग लगा दी. उग्रवादियों की ओर से मौके पर कई राउंड फायरिंग भी की थी.

25 दिसंबर : हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना अंतर्गत नीरी जंगल में पुलिस और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई. लगभग आधे घंटे तक चली मुठभेड़ में दोनों तरफ से 50 राउंड से अधिक गोलियां चलीं. उग्रवादी अंधेरे का लाभ उठा कर पुलिस को भारी पड़ते देख फरार हो गये.

25 दिसंबर: लोहरदगा जिले के सुदूरवर्ती बगड़ू थाना क्षेत्र के केकरांग झरना के पास लैंड माइंस ब्लास्ट हुआ. जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है.

24 दिसंबर: लोहरदगा जिले के सुदूरवर्ती बगड़ू थाना क्षेत्र के केकरांग झरना के समीप मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे आईईडी विस्फोट में एक बच्ची की मौत हो गयी और कई लोग घायल हो गये.

20 दिसंबर: पलामू में पुल निर्माण कार्य में लगे मुंशी और मजदूर को लेवी के लिए पीटा था. हालांकि इसके बाद पुलिस ने टीपीसी के जितेंद्र यादव और शाबिर उर्फ अंगद को गिरफ्तार किया था.

17 दिसंबर : खूंटी के सायको थाना क्षेत्र के एटकेडीह गांव में नव निर्मित सामुदायिक भवन सह प्रशिक्षण केंद्र में नक्सलियों ने बम विस्‍फोट किया, जिससे भवन की दीवारें दरक गईं और खिड़की व दरवाजे भी उखड़ कर बिखर गये थे.

16 दिसंबर: पलामू के उग्रवादियों ने करमाचेराई में क्रशर संचालक व जेसीबी के ड्राइवर को पीटा था.

12 दिसंबर:  लोहरदगा लातेहार बॉर्डर बुलबुल में भी बम विस्फोट हुआ था, जिसमें एक ग्रामीण की मौत हो गयी.

8 दिसंबर : राजधानी रांची के तमाड़ में रविवार को आइइडी ब्‍लास्‍ट में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के 2 जवान बुरी तरह घायल हो गये थे.

7 दिसंबर : खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र स्थित मारंगबुरू गितिलबेड़ा जंगल से मतदान करा कर लौट रही पुलिस टीम पर नक्सलियों ने हमला कर दिया.

7 दिसंबर: चाईबासा से करीब 25 किलोमीटर दूर जोजोहातू गांव में चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से नक्सलियों ने एक बस को फूंक डाला था.

26 नवंबर : चाईबासा में सारंडा जंगल के टोंटो के रेंगड़ाहातू गांव निवासी राशन डीलर सह कांग्रेसी कार्यकर्ता 28 वर्षीय बजाए मुंडारी को घर से अगवा करने के बाद गोली मार दी थी.

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