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राज्य के सरकारी स्कूलों में एक लाख दिव्यांग बच्चे मात्र 333 रिसोर्स शिक्षकों के भरोसे

Ranchi :  राज्य में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और समस्याओं से अवगत कराने के लिए निशक्तता आयुक्त ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से मुलाकात की. निशक्तता आयुक्त सतीश चंद्र ने शिक्षा मंत्री को जानकारी दी कि दिव्यांग बच्चों के शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक पंचायत में एक विशेष या रिसोर्स शिक्षक की जरूरत होती है. राज्य में रिसोर्स शिक्षकों के 743 पद है. इनमें से मात्र 333 रिसोर्स शिक्षक ही वर्तमान में पद स्थापित है.

रिसोर्स शिक्षकों की कमी के कारण राज्य के दिव्यांग बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं. निशक्तता आयुक्त ने   मंत्री को बताया कि भारतीय पुनर्वास परिषद् और दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में रिसोर्स शिक्षक होने चाहिए लेकिन राज्य में रिसोर्स शिक्षकों की कमी भारतीय पुनर्वास परिषद् और दिव्यांग अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है.

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स्कूलों में लगभग एक लाख बच्चे नामांकित हैं

निशक्तता आयुक्त ने बताया कि वर्तमान समय में लगभग एक लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में नामांकित है. भारतीय पुनर्वास परिषद् और दिव्यांग अधिकार अधिनियम की मानें तो प्रत्येक दस दिव्यांग बच्चों में एक रिसोर्स शिक्षक की जरूरत है. जबकि राज्य में यह पैमाना पूरा नहीं होता. बता दें कि प्रत्येक पंचायत स्तर में अलग से थेरेपिस्टों और रिसोर्स शिक्षकों की नियुक्ति दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिए की जाती है.

साल 2012 में राज्य में थेरेपिस्टों और रिसोर्स शिक्षकों की नियुक्ति की गयी. जिसमें 150 रिसोर्स शिक्षक नियुक्त किये गये. लेकिन इसके बाद से राज्य में नियुक्ति नहीं निकाली गयी. बीते दिनों राज्य निशक्तता आयुक्त की ओर से राज्य शिक्षा परियोजना को इस बाबत पत्र भी भेजा गया. जिसमें 60 हजार से अधिक दिव्यांग विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षक नहीं होने का जिक्र किया गया था. साथ ही जल्द से जल्द नियुक्ति किये जाने की बात की गयी है.

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कानून का पालन किया जायेगा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दस दिव्यांग बच्चों पर एक विशेष शिक्षक की नियुक्ति अगर कानून में है तो इसका पालन झारखंड में भी किया जायेगा. सभी दस्तावेज और बच्चों की संख्या वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की स्थिति नियमावली के अनुसार हो. इस पर कैबिनेट में सहमति के आधार पर  नियुक्ति प्रक्रिया करने पर विचार किया जायेगा. साथ ही मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराने की बात कही गयी. इस दौरान प्रशिक्षित शिक्षक संघ के अध्यक्ष पोवेल कुमार ,निखिल मधुर, निखिल कुमार, विश्वनाथ महतो ,बैजनाथ महतो मौजूद रहे.

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