न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पाकुड़ में एक बार फिर RJD ने की पोस्टरबाजी, सरकारी कर्मचारियों से कहा- मालिश कराना बंद करो

177

Pakur : पाकुड़ में एक बार फिर से आरजेडी के नाम से पोस्टरबाजी हुई है. इस बार पोस्टर में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिखा हुआ है, लेकिन निशाना प्रशासन के आला अधिकारियों पर साधा गया है. इससे पहले भी आजसू और आरजेडी ने पाकुड़ में पोस्टरबाजी की थी. यह पोस्टरबाजी पाकुड़ के डीसी दिलीप झा के खिलाफ हुई थी. पाकुड़ के डीसी पर दोनों पार्टियों ने गंभीर आरोप लगाये थे. पोस्टरबाजी करने के बाद प्रशासन की तरफ से आजसू के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी गयी. साथ ही, कुछ मीडिया हाउस को पोस्टरबाजी की खबर छापने के बाद नोटिस भी भेजा गया. इतना होने के बाद भी पाकुड़ में आरजेडी ने एक बार फिर से पोस्टरबाजी की है.

इसे भी पढ़ें- पिपरवार गोलीकांड की हो सीबीआई जांच: हाईकोर्ट

कौन सरकारी कर्मचारी मालिश कराता है?

hosp3

आरजेडी ने पोस्टरों में नौ तरह के आरोप लगाये हैं. आरोप किस पर हैं, यह स्पष्ट नहीं लिखा है. आरजेडी के पोस्टरों में लिखा है कि-

  1. सरकारी कर्मचारी मालिश कराना बंद करो.
  2. मुखिया से मिलकर माया दोहन अर्था भया दोहन बंद करो.
  3. पीडब्ल्यूडी का सर्किट हाउस को अतिक्रमण मुक्त करो.
  4. सरकारी गाड़ियों से घरेलू सामान लाना बंद करो.
  5. बेटी की शादी में सर्किट हाउस का सोफा पटना क्यों गया जवाब दो.
  6. पाकुड़िया, महेशपुर, अमड़ापारा, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर प्रखंड का मुखिया आवंटन राशि का एवं 14वें वित्त आयोग, डोभा और जलकुंड की अविलंब जांच क्यों नहीं जवाब दो.
  7. उपायुक्त जांच करने में सक्षम नहीं हैं, तो वीआरएस ले लें.
  8. पाकुड़ के भ्रष्ट सहायक खनन पदाधिकारी अविलंब पाकुड़ छोड़ो.
  9. पाकुड़ डीसी अपने सारे चहेतों को जिला आपूर्ति पदाधिकारी कार्यालय में क्यों लाये जवाब दो.

इसे भी पढ़ें- झारखंड के 86 लाख आदिवासियों में 43 लाख गरीबी रेखा के नीचे

डीसी, डीएमओ और एएमओ के खिलाफ सरकार से शिकायत

कुछ दिनों पहले पाकुड़ के कुछ लोगों ने राज्यपाल समेत झारखंड के सभी आला अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर इस बात की जानकारी दी है कि कैसे पाकुड़ में अवैध खनन हो रहा है. पाकुड़ जिले के राधानगर निवासी कुलदीप पांडे और यासीन मियां ने मामले को लेकर सरकार और राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में उनहोंने सीएम से हस्तक्षेप करने की गुहार लगायी है. लिखा है कि मुख्यमंत्री जी और झारखंड सरकार के वरीय पदाधिकारी से अनुरोध है कि उक्त संबंध में उच्चस्तरीय जांच की जाये. पाकुड़ डीसी, डीएमओ और एएमओ के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की कृपा की जाये. सभी खदान परिसर की मापी हो. संबंधित पत्थर माफिया पर प्राथमिकी दर्ज कर चोरी किये गये सरकारी राजस्व की भरपाई की जाये, ताकि आनेवाले दिनों में इस तरह का दुस्साहस कोई न कर सके.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: