न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

एस्सेल इन्फ्रा को एकबार फिर मंत्री सीपी सिंह का निर्देश- काम करें या बाहर हो जायें

130

Ranchi : शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही एस्सेल इन्फ्रा को एक बार फिर अल्टीमेटम दिया गया है. गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कक्ष में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कंपनी के अधिकारियों से कहा है कि यदि कंपनी काम कर सकती है, तो कीजिये, नहीं तो वापस चले जाइये. हालांकि, सीपी सिंह के इस निर्देश के बाद एस्सेल इन्फ्रा के अधिकारियों ने कुछ सुझाव देने के साथ एक मौके की भी मांग की. उस पर मंत्री ने लिखित आश्वासन देने पर ही कंपनी को एक मौका देने का निर्देश दिया. मालूम हो कि इन दिनों राजधानी रांची की साफ-सफाई व्यवस्था काफी खराब हो चुकी है. कई पार्षदों ने निगम बोर्ड की बैठक में कंपनी को हटाने की मांग की है. गुरुवार को हुई इस बैठक में विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय,  नगर आयुक्त मनोज कुमार सहित नगर निगम और एस्सेल इन्फ्रा के उच्च अधिकारी उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें- सीपी सिंह ने की पत्रकार बिरादरी पर अपमानजनक टिप्‍पणी, सहयोग राशि वापस करने को तैयार रांची…

33 वार्डों की मिली है जिम्मेदारी, पहले इन्हें साफ-सुथरा करें : सचिव

दूसरी ओर विभागीय सचिव ने कंपनी के अधिकारियों को कहा कि वर्तमान में आप जिन 33 वार्डों की सफाई कर रहे हैं, उसपर तेजी लाने का काम करें. शहर की सफाई से ही राजधानी की जनता,  सरकार, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों का विश्वास जीतने का काम किया जा सकता है. अगर कंपनी इस पर सफल होती है, तो ही उसे बाकी वार्डों की सफाई का काम दिया जायेगा. वहीं मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त ने भी वर्तमान सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि एक निर्धारित समय के अंदर कंपनी सफाई का मॉडल पेश करे. उसके बाद ही सरकार कंपनी के वार्डों का दायरा बढ़ायेगी. बैठक में ही कंपनी के अधिकारियों ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर कई तरह के सुझाव दिये.

इसे भी पढ़ें- सफाई व्यवस्था संभाल रही एस्सेल इंफ्रा से नगर विकास मंत्री की चलती है कमीशनखोरी :  सुबोधकांत सहाय

परफॉर्मेंस देखने के लिए तय की गयी समय-सीमा

बैठक में ही नगर विकास मंत्री के सामने कंपनी के कार्यों की समीक्षा की गयी और भविष्य में उनके काम को देखते हुए एक अवधि निर्धारित की गयी, जो इस प्रकार है-

  • 15 नवंबर से पहले 33 वार्डों में सफाई को बेहतर बनाने का प्रयास करना.
  • सफाई पर कंपनी की स्थिति ठीक रही, तो 20 नवंबर को अन्य बचे हुए 20 वार्डों की सफाई का जिम्मा कंपनी को दिया जायेगा.
  • 20 नवंबर को अगर कुल 53 वार्डों का जिम्मा कंपनी को मिल जाता है, तो दिसंबर तक शहर की सफाई का आकलन किया जायेगा.
  • आकलन में स्थिति ठीक रही, तो ही विभाग कंपनी को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए जरूरी मदद देने को तैयार हो सकता है.
  • कंपनी की ज्यादातर गाड़ियों के ब्रेक डाउन होने पर कहा गया कि कंपनी अन्य गाड़ी खरीद सकती है.

इसे भी पढ़ें- टाइम्स स्कवायर का पहला ही चरण लटका, सीएम के मौखिक आदेश के बाद ज्यूडको कर रहा लिखित आर्डर का इंतजार

…तो 31 मई तक हो जायेगी कंपनी की छुट्टी

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि अगर अगले वर्ष 31 मई तक कंपनी सफाई का जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पाती है, तो कंपनी को हटा दिया जायेगा. इस दौरान नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि अगर सफाई को लेकर लिए इन तमाम निर्णयों के बाद भी लोगों को किसी तरह की कोई शिकायत है, तो वे सरकार के टोल फ्री नंबर 1800-120-2929 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सरकार की कोशिश होगी कि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: