Ranchi

रांची में एक बार फिर सक्रिय हुए उग्रवादी संगठन, लेवी के लिए दे रहे हैं घटनाओं को अंजाम

Ranchi: राज्य की राजधानी रांची में एक बार फिर उग्रवादी संगठन सक्रिय हो गये हैं. लेवी वसूलने के लिए उग्रवादी संगठनों के द्वारा लगातार एक के बाद एक घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है. एक महीने में ही जहां उग्रवादी संगठनों के लेवी के लिए वाहनों में आग लगाई गई वहीं दूसरी तरफ़ शहरी इलाकों में नक्सलियों ने दीवार पर पुलिस विरोधी नारा लिख कर दहशत फैलाने की कोशिश की. वे लगातार पुलिस को अपनी उपस्थिति का एहसास करा रहे हैं.

फूंकते हैं वाहन और मशीनें

सभी उग्रवादी संगठनों के द्वारा लेवी वसूलने के लिए लगातार घटना को अंजाम दिया जा रहा है. रांची के आसपास के इलाकों में उग्रवादी संगठनों के द्वारा सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी, क्रशर संचालक, टावर लगानेवाली  कंपनी सहित अन्य कारोबारियों से लेवी वसूली हो रही है. लेवी नहीं देने पर वाहनों में आग लगा कर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. लेवी से वसूले गए रुपयों से उग्रवादी संगठन के लोग कुछ रुपया संगठन को मजबूत बनाने में कर रहे हैं और कुछ रुपए से संगठन के बड़े उग्रवादी अपनी संपति बढ़ा रहे हैं.

खलारी में नक्सलियों ने एक बार फिर दर्ज कराई उपस्थिति

रांची का कोयलांचल कहे जानेवाले खलारी इलाके में कई उग्रवादी संगठन कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलते हैं. इलाके में नक्सली संगठन टीपीसी के मजबूत होने की वजह से सबसे बड़ा नक्सली संगठन भाकपा माओवादी कमजोर हुआ था. लेकिन एक बार फिर कुख्यात नक्सली कमांडर मिथिलेश का दस्ता इस इलाके में सक्रिय हुआ है. इसके पीछे भी कोयला कारोबारियों से लेवी की मोटी कमाई ही है.

घटना का अंजाम देकर दूसरे जिले में भाग जाते उग्रवादी

घटना को अंजाम देने के बाद उग्रवादी दूसरे जिले में भाग जाते हैं जिसके चलते पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाती है. हाल में गिरफ्तार हुए पीला भाई के उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया है कि वे लोग किसी घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे जिले में भाग जाते थे जिसके चलते पुलिस उन्हें लंबे समय से गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी.

नक्सली शहरी क्षेत्र में लेने लगे हैं शरण

जंगलों में पुलिस पुलिस के द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान और पुलिस की बढ़ती दबिश के कारण हाल के दिनों में नक्सली और उग्रवादी संगठन के लोग शहरी क्षेत्रों में शरण लेने लगे हैं. नक्सलियों के समर्थक और संरक्षक उन्हें शहर में ना सिर्फ आवास और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं बल्कि आर्थिक मदद भी करते हैं और उनके समर्थन में एक जन समर्थन बनाने का प्रयास करते हैं.

राजधानी के ग्रामीण इलाकों में पीएलएफआइ का है खौफ

राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों पीएलएफआइ नक्सलियों का उत्पात लगातार जारी है. रांची के कांके, तमाड़, बेड़ो और लापुंग में पीएलएफआइ के नक्सली लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इन सबके पीछे लेवी का मामला है.

हाल के दिनों की घटनाएं  

  • 4 अक्टूबर को कांके के मनातू में कंस्ट्रक्शन कंपनी हिंदकुश से लेवी वसूलने आए नौ पीएलएफआइ उग्रवादियों ने बुधवार देर रात 12 राउंड फायरिंग की. 40 मिनट तक जम कर उत्पात मचाया. कंपनी के क्रशर कर्मचारियों की पिटाई की और वहां खड़ी बाइक और जेसीबी फूंक डाली. इसके बाद पीएलएफआइ जिंदाबाद के नारे लगाते हुए चेतावनी दी कि पुलिस को यदि घटना की जानकारी दी तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
  • 8 नवंबर को तमाड़ थाना क्षेत्र के उलीडीह में रात को पीएलएफआइ के उग्रवादियों ने जम कर उत्पात मचाया. यहां सड़क निर्माण में लगी तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर उग्रवादी भाग निकले.
  •  16 नवंबर को राजधानी रांची के लापुंग थाना क्षेत्र स्थित चम्पाडीह काकरिया में पीएलएफआइ के नक्सलियों ने जियो कंपनी के लिए केबलिंग का काम कर रही कंपनी की साइट पर हमला कर दो जेसीबी वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पीएलएफआइ के कुख्यात नक्सली कमांडर फुलेश्वर ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
  •  19 नवंबर को खलारी में माओवादियों ने खलारी के शहरी इलाकों में नक्सलियों ने दीवार लेखन कर सनसनी फैला दी है. इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

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