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आदिवासी दिवस पर 2 लाख किसानों को सीएम के हाथों मिला 734 करोड़ का तोहफा

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड के 2 लाख किसानों के बीच 734 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण किया. प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से कुछ किसानों को केसीसी और पशुधन योजना से जुड़ी परिसंपत्तियों का वितरण किया. इस मौके पर घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के सभी किसान अब बिरसा किसान के रूप में जाने जायेंगे.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार चलाना बड़ी बात नहीं है. लेकिन राज्य के जमीनी हालत को जानना जरूरी है. हमें भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. यदि हम आज के बारे में सोचेंगे तो आनेवाली युवा पीढ़ी के बारे में विचार नहीं कर पायेंगे. कहा कि किसान हमारे राज्य के जड़ के रूप में हैं.

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किसानों को वोट बैंक समझती रही सरकारः बादल

इससे पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि कभी किसी सरकार ने किसानों के दुख दर्द को नहीं समझा. हमेशा उन्हें वोट बैंक समझा. लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार ने शपथ लेते ही ऋण माफी की.

कोरोना काल में दो हजार करोड़ रुपये ऋण माफी के लिए दिये. जब किसानों को उसकी जरूरत थी. यही नहीं जिनका भी ऋण माफ किया गया. उन्हें एक और मौका दिया गया.

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उत्कृष्ट कार्य के लिए हजारीबाग बाजार समिति को मिला सम्मान

हजारीबाग बाजार समिति को उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया. हजारीबाग बाजार समिति ने देश की 10 सर्वश्रेष्ठ मंडियों में सातवां स्थान हासिल किया है.

मध्यान भोजन के तहत अब सप्ताह में सातों दिन बच्चों को अंडा मिलेगा. कृषि मंत्री बादल ने कृषि क्षेत्र की जीडीपी में योगदान को बढ़ाने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा 12.30 फीसदी जीडीपी को 20 प्रतिशत तक ले जायेंगे.

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केसीसी के लिए 6,86,661 आवेदन प्राप्त हुएः सचिव

कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि सरकार किसानों को पूंजी के अभाव से बचाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर फोकस कर रही है. इससे जहां किसानों को कम ब्याज दर पर बैंकों से कार्यशील पूंजी मिलेगी.

वहीं, किसान साहूकारों के कर्ज के जाल में भी नहीं फंसेंगे. उन्होंने बताया कि इस वर्ष अप्रैल से अभी तक किसानों से केसीसी के लिए 6,86,661 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 1,39,434 आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं.

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