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विधायक अरूप के सवाल पर विस अध्यक्ष ने दिया निर्देश- सरकार 31 मार्च तक गैर पारा शिक्षकों को करे नियुक्त

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Ranchi : झारखंड विधानसभा को कई दिनों के बाद मंगलवार को स्मूदली चलते देखा गया. सदन के हंगामेदार न होने की वजह से पत्रकार ब्रेकिंग न्यूज ढ़ूंढने में परेशान रहे. विधायकों के सवालों का जवाब भले ही सरकार ठीक से न दे पा रही हो, लेकिन सवाल और जवाब का दौर पहली पाली में खूब चला. सदन की अध्यक्षता कर रहे दिनेश उरांव ने भी मंगलवार को सदन की सारी औपचारिकता पूरी कराने की कोशिश की. इसी दौरान निरसा से मासस विधायक अरूप चटर्जी के सवाल पर सदन में कुछ देर तक हंगामा हुआ. आखिरकार सरकार को किसी जवाब की स्थिति में न देख विधानसभा अध्यक्ष को खुद ही कहना पड़ा कि 31 मार्च तक मामले का निष्पादन विभाग को जैसे भी करना हो, कर दे.

क्या पूछा था अरूप चटर्जी ने

निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने पूछा था कि-

सवाल : क्या यह बात सही है कि राज्य के इंटर प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति 2015-16 में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ न लेकर योग्यता और अर्हता के आधार पर गैर पारा कोटि के अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था?

जवाब में सरकार ने इस बात को स्वीकार किया.

सवाल : क्या यह बात सही है कि विभिन्न जिलों की मेधा सूची में नाम प्रकाशित किये जाने के बाद राज्य के ऐसे लगभग 700 अभ्यर्थियों को पारा शिक्षक होने की वजह से काउंसलिंग से वंचित कर दिया गया था.

जवाब में सरकार ने कहा कि 50% पद पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा अर्हताधारी पारा शिक्षक, जिनकी सेवा कम से कम पांच वर्ष की हो, उनकी नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित की जायेगी.

हाई कोर्ट के आदेश को भी नहीं मान रही थी सरकार

सवाल और जवाब के इस क्रम में अरूप चटर्जी के सवाल पर सरकार फंसती नजर आयी. मंत्री नीरा यादव की गैरहाजिरी में मंत्री लुईस मरांडी सवालों के जवाब दे रही थीं. दरअसल, हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में इन सभी गैर पारा शिक्षकों की सीट पर अर्हतापूर्ण पारा शिक्षकों की बहाली करने का आदेश दिया था. आदेश में कहा गया था कि चार महीने के अंदर बहाली प्रक्रिया पूरी की जाये, लेकिन आदेश के छह महीने बीतने को हैं, सरकार ने इस आदेश को पूरे राज्य में लागू नहीं किया है. सिर्फ उन्हीं जिलों में कोर्ट का आदेश लागू हुआ, जिन जिलों में डीएसई पर अवमानना का मामला दर्ज हुआ. इन्हीं सब बातों में सरकार को फंसता देख विधानसभा अध्यक्ष ने विभाग को 31 मार्च तक सारी कार्यवाही पूरी कर नियुक्ति कराने का निर्देश दिया.

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