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न्यूज विंग की खबर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लिया संज्ञान, संदेश भेजकर कहा- मिल रही हैं शिकायतें

Ranchi: राजधानी रांची समेत झारखंड में जब कोरोना पीक पर था. उस समय वैक्सीनेशन की भी रफ्तार बढ़ाई गई थी. जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की डोज लगाकर सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके. इस चक्कर में वैक्सीनेशन तो किय़ा जा रहा था. लेकिन टीका लगाने वालों को बिना रजिस्ट्रेशन के ही टीका लगा दिया गया. न्यूज विंग ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. जिसपर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंसुख लक्ष्मणभाई मांडविया ने संज्ञान लिया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि इस तरह की लगातार शिकायतें मिल रही है. जिससे साफ है कि कैसे वैक्सीनेशन के बाद भी लोग परेशानी झेल रहे है.

क्या था मामला

ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने की बात सरकार कर रही है. वहीं दूसरी ओर टीकाकरण से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी सरकार की योजना पर पानी फेरने पर आमादा हैं. आज भी वैक्सीनेशन ड्राइव चलाकर सिर्फ टीका लगाने से मतलब रख रहे हैं. इतना ही नहीं डिटेल्स उपलब्ध कराने के बाद भी न तो उन्हें कोई मैसेज मिल रहा है और न ही सर्टिफिकेट. वहीं कोविन पोर्टल पर भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है. जिससे कि वे वैक्सीन की अपनी दूसरी डोज लगवा सके.

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शुरुआती दिनों में जिन लोगों को टीका लगाया गया, उनमें बड़ी संख्या में लोगों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं किया गया. यहां तक रजिस्टर में भी नाम दर्ज नहीं किया गया. जबकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया उस समय भी थी. अब जब विशेष रूप से बुजुर्ग दूसरे डोज के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि उनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ. इसलिए दूसरा डोज नहीं लगाया जा सकता. इतना ही नहीं कई युवाओं ने भी बिना पंजीयन के पहला टीका लगवाया है. अब वो सर्टिफिकेट के लिए भटक रहे हैं. उनमें से कई रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं और पहला डोज बताकर टीका लगवा रहे हैं.

बिना पंजीयन के टीका लेने वालों में वैसे छात्र भी हैं जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें परीक्षा देने के लिए बाहर जाना है. सेंटर पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य होने से ये सभी पहला डोज बताकर रजिस्ट्रेशन कर टीका लगवा रहे हैं. भारत में उपलब्ध वैक्सीन के दो डोज लग रहे हैं. अब समस्या ये है उन लोगों का क्या होगा जो सर्टिफिकेट के लिए दोनों डोज ले लिया है या फिर लेने वाले हैं. तीन डोज लेने पर क्या परेशानी हो सकती है इसपर कोई रिपोर्ट भी नहीं है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को इस मामले की जानकारी है उन्होंने न्यूज विंग को संदेश भेजकर इसकी जानकारी भी दी है. अब सवाल ये है कि सरकार उन्हें सर्टिफिकेट देगी या फिर उन्हें दो की जगह तीन डोज लेना होगा. उम्मीद है सरकार इसपर जल्द फैसला लेगी.

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