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रामविलास की जयंती पर बेटे चिराग ने कहा- आपकी बहुत याद आती है पापा

PATNA: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार में दलितों के बड़े नेता रहे रामविलास पासवान की आज पहली जयंती है. उनकी पहली जयंती से पहले ही एलजेपी दो गुटों में बंट चुकी है. एक तरफ रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस पांच सांसदों के साथ हैं, तो दूसरी तरफ रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान अकेले पड़ गए हैं. चिराग पासवान अपने पिता को श्रद्धांजलि देने के बाद आज से हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं हालांकि उनके चाचा पशुपति कुमार पारस भी रामविलास पासवान को आज श्रद्धांजलि देकर दिल्ली रवाना होने वाले हैं.

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रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी में उनकी जगह कोई नहीं ले पा रहा है, क्योंकि चिराग पासवान हो या पशुपति पारस दोनों में जनता के साथ संवाद स्थापित करने का वह हुनर नहीं जो रामविलास पासवान में था. बेटे चिराग ने अपने पिता की पहली जयंती पर ट्विटर पर इमोशनल ट्वीट करते हुए लिखा –

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रामविलास पासवान दलितों की आवाज थे, दलितों का विश्वास थे, दलित उन में अपनी आस्था रखते थे यही वजह है कि रामविलास पासवान के चेहरे पर एलजेपी को इतनी बहुमत लोकसभा चुनाव में मिले हालांकि रामविलास पासवान के निधन के बाद पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान को धोखा देकर पार्टी पर अपना कब्जा जमाया है हालांकि आज रामविलास पासवान की पहली जयंती है तमाम बड़े नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

बीजेपी की तरफ से भी साफ किया गया है कि रामविलास पासवान इतने वरिष्ठ नेता है थे कि उनको श्रद्धांजलि तमाम पार्टियां देगी क्योंकि उनकी छवि ऐसी थी. रामविलास पासवान को मौसम वैज्ञानिक ने कहा जाता था जिस की सरकार केंद्र में बनती थी रामविलास पासवान उसी के साथ गठबंधन करते थे हालांकि अब उनके निधन के बाद उनके बेटे चिराग पासवान अकेले पड़ गए हैं लेकिन आज उनकी पहली जयंती के मौके पर चिराग पासवान हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं.

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