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भीमा-कोरेगांव युद्ध की 201वीं वर्षगांठ पर पुलिस छावनी में बदला इलाका, पिछले साल हुई थी हिंसा

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में भीमा-कोरेगांव युद्ध की 201वीं वर्षगांठ एक जनवरी को पुलिस पूरी तरह से सतर्क है. खबरों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस साल 10 गुना से अधिक सुरक्षा बल इलाके में तैनात किये गये है.

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Mumbai :  महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में भीमा-कोरेगांव युद्ध की 201वीं वर्षगांठ एक जनवरी को पुलिस पूरी तरह से सतर्क है. खबरों के अनुसार पिछले साल हुई हिंसा को देखते हुए इस साल 10 गुना से अधिक सुरक्षा बल इलाके में तैनात किये गये है. इस बार पिछले साल की तरह कोई हिंसक घटना न हो, इसलिए सरकार एहतियात बरत रही है.  जरा पीछे जायें, तो 2018 के अगस्त में इस मामले में माओवादी कनेक्शन सामने आया था. पुणे पुलिस ने पूरे देश में छापेमारी करके पांच वामपंथी विचारकों पी. वरवर राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फेरेरा,  गौतम नवलखा और वेरनोन गोन्जाल्विस को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पुलिस का आरोप है कि इन पांचों ने एल्गार परिषद सम्मेलन में सहायता की थी जिसके बाद हिंसा फैली. इन गिरफ्तारियों ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया था. विपक्षी पार्टियों ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर अनुसूचित जाति को निशाना बनाने का आरोप लगाया. बता दें कि गिरफ्तार किये गये वामपंथी विचारकों के मामले पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

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 हजारों की संख्या में अनुसूचित जाति के लोग भीमा कोरेगांव युद्ध स्मारक पर जमा होते हैं

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बता दें कि हर साल एक जनवरी को पूरे महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में अनुसूचित जाति के लोग पुणे से 40 किलोमीटर दूर भीमा कोरेगांव युद्ध स्मारक पर जमा होते हैं. माना जा रहा है कि इस बार भी भारी संख़्या में लोग यहां पहुंच सकते हैं. पिछले साल की घटना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार इस बार सचेत है. विजय स्तंभ के आसपास हिंसक हालात बनने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले ही 1200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ प्रिवेन्टिव एक्शन लिये हैं. बता दें कि पुलिस ने इस साल ऐसे किसी भी संगठन को सभा करने की इजाजत नहीं दी है, लेकिन अनुसूचित जाति के कई नेता विजय स्तंभ पर आ सकते हैं. इन पर खास नजर रखी जायेगी. नववर्ष 2019 पर महाराष्ट्र प्रशासन और पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है. जानकारी के अनुसार पुलिस ने भीमा-कोरेगांव के विजय स्तंभ और उसके आसपास कुल 7000 सुरक्षाकर्मी तैनात किये हैं.

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