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28 अक्टूबर को मानव श्रृंखला बनाकर झारखंड आंदोलनकारियों का मांगा जायेगा हक

  • 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित करने की मांग

Ranchi : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 28 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में एक दिवसीय मानव श्रृंखला और धरना आयोजित किया जायेगा है. मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, स्वाभिमान, अस्तित्व और पहचान को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.

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सुबोधकांत सहित राज्य के सभी जिलों से शामिल होंगे आंदोलनकारी

राजू महतो ने कहा कि इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने भी अपनी सहमति दी है. इसके अलावा राज्य के सभी जिलों से झारखंड आंदोलनकारी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची पहुंचेंगे.

उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी अपने मान-सम्मान, स्वाभिमान की रक्षा की मांग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 31 के तहत कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि हमारी झारखंडी पहचान राज्य के अंदर सुनिश्चित हो. यहां हमारी माय माटी, इज्जत की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.

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नहीं मिल रहा आंदोलनकारियों को उनका हक : आजम खान

मोर्चा के आजम खान ने कहा कि राज्य सरकार का जो संकल्प है, उसका पालन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को जो हक मिलना चाहिए, वह अभी नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि दुमका विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान की बात कर रहे हैं. विपक्ष द्वारा भी झारखंड आंदोलनकारियों के सवालों को उठाया जा रहा है. यह स्वागत योग्य पहल है.

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शिबू सोरेन को भी अभी तक झारखंड आंदोलनकारी की नहीं मिली पहचान

आजम खान ने कहा कि झारखंड में चुनाव जीतना है, तो झारखंड आंदोलनकारियों के हित की बात करनी ही होगी. झारखंड आंदोलनकारियों के बिना इस राज्य में राजनीति करना संभव नहीं है. पुष्कर महतो और प्रणव कुमार बब्बू ने कहा कि यह विडंबना है कि झारखंड आंदोलनकारी जयपाल सिंह मुंडा, बिनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो, बीपी केसरी, डॉ रामदयाल मुंडा, एके राय, सीपी तिर्की, रीतलाल प्रसाद वर्मा सहित अन्य आंदोलनकारियों को अभी तक पहचान नहीं दी गयी है. यह दुर्भाग्य है कि झारखंड के दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भी पहचान झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सरकार द्वारा नहीं की गयी है. शिबू सोरेन ने संपूर्ण अलग झारखंड राज्य की लड़ाई लड़ी, लेकिन वह भी एक आंदोलनकारी के रूप में अभी तक सम्मानित नहीं हुए हैं.

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आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि 15 नवंबर 2020 को सभी झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाना चाहिए. मांगें नहीं मानने पर झारखंड में आंदोलन और तेज किया जायेगा. कार्यक्रम के तहत 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी प्रत्येक जिले में उपवास करेंगे.

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