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नामाकंन के आधार पर स्कूलों को मिलेगा अनुदान, राशि का 10% स्वच्छता पर करना होगा खर्च

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Ranchi: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राज्य के सभी जिले के जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2018-19 में मिलने वाले अनुदान की राशि के बारे बताया गया है.

पत्र में कहा गया है कि अनुदान की राशि में से 10 प्रतिशत हिस्सा विद्यालयों में स्वच्छता पर खर्च करना होगा. कौन से विद्यालय को कितनी राशि दी जायेगी, यह क्लास और उसमें नामांकन लिये हुए छात्रों की संख्या पर निर्भर करेगा.

पत्र के मुताबिक जिस स्कूल में क्लास एक से 10वीं या 12वीं तक की पढ़ाई होती है, वहां क्लास एक से आठ के लिए अलग और क्लास 9 से 12 तक के लिए अलग राशि दी जायेगी.

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नामांकन संख्या के अनुसार है योगदान

पत्र के मुताबिक जिन स्कूलों में एक से 15 बच्चों का नामांकन होगा उसे 12000, 16 से 100 बच्चों के नामांकन होने पर 25000, 101 से 250 बच्चों के नामांकन होने पर 50000, 251 से 1000 बच्चों के नामांकन होने पर एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जायेगा.

गौरतलब हो कि वित्तीय वर्ष 2018-19 से सर्व शिक्षा अभियान के स्थान पर समग्र शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत आने वाले स्कूलों को 12000 रुपये से 1 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जायेगी.

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ऐसे खर्च करनी है अनुदान की राशि

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मिलने वाली अनुदान की कुल राशि का 10 फीसदी हिस्सा शौचालयों की मरम्मत व रख-रखाव, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, शौचालयों की साफ-सफाई पर खर्च करने होंगे.

अगर स्कूलों में ऐसा नहीं होता है तो स्कूल के प्रधान पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं 90 फीसदी राशि का इस्तेमाल वैसे कार्यों में करना है, जिससे शैक्षणिक माहौल में गुणवत्तापूर्ण सुधार हो सके.

इसके तहत विद्यालयों में कम से कम एक दैनिक अखबार की खरीदारी करना. विद्यालय पुस्तकालय का निर्माण करना, विद्यालय भवन का रख-रखाव आदि पर किया जाए.

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टैब-इंटरनेट पर भी करें खर्च

पत्र के अनुसार स्कूलों में चल रहे ई-विद्यावाहिनी प्रोजेक्ट के तहत टैब व इंटरनेट पर राशि खर्च करनी है. विद्यालयों में शिक्षकों का नाम, पता व मोबाइल डिस्प्ले करना होगा.

वैसे छात्र जिन्होंने महीने में किसी तरह का उत्कृष्ठ कार्य (100 फीसदी उपस्थिति, स्वस्थ छात्र, प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान) किया हो, उसे चिन्हित कर उसका नाम, फोटो को नोटिस बोर्ड पर डिस्प्ले करना होगा.

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