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दो घंटे में ओमिक्रोन वैरिएंट की होगी पहचान, किट तैयार, नहीं रहेगी जीनोम सिक्वेंसिंग की जरुरत

New Delhi: देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन का खतरा बरकरार है. देश के विभिन्न आधा दर्जन राज्यों में 33 मामले सामने आ चुका है. इस बीच खबर है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के डिब्रूगढ़ केंद्र ने कोरोना जांच के लिए एक ऐसा किट विकसित किया है जिससे दो घंटे के भीतर ओमिक्रोन वैरिएंट के संक्रमण का पता चल जाएगा.

 

ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर बड़ी समस्या इसकी पहचान की है. अभी ओमिक्रोन का पता लगाने के लिए संक्रमित व्यक्ति के नमूने की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाती है जिसमें ज्यादा समय लगता है. आइसीएमआर के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के विज्ञानियों की एक टीम ने यह टेस्ट किट विकसित किया है. नए किट को विकसित करने वाली टीम के लीडर डा. बिश्वज्योति बोरकाकोटी  ने कहा कि लक्षित सीक्वेंसिंग में अभी कम से कम 36 घंटे का समय लगता है जबकि संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग में चार से पांच दिन लगते हैं.

 

आरएमआरसी ने हाइड्रोलिसिस आधारित आरटी-पीसीआर किट तैयार किया है जिससे दो घंटे में ही ओमिक्रोन वैरिएंट का पता चल जाएगा. यह किट पूरी तरह से भारत निर्मित है और कोलकाता की जीसीसी बायोटेक इसका सरकारी-निजी साझेदारी (पीपीपी) माडल पर उत्पादन कर रही है.

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