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शिक्षकों का इंतजार कर रहे पुराने विवि, नये विवि खोलने का तैयार हो रहा प्रस्ताव

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Rahul Guru

Ranchi : राज्य में उच्च शिक्षा की स्थिति का अंदाजा शिक्षक-छात्र के अनुपात से लगाया जा सकता है. राज्य में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के मुताबिक 40 छात्र पर एक शिक्षक होने चाहिए. लेकिन यहां एक शिक्षक पर 73 छात्रों का बोझ है. राज्य में बीते 12 साल से प्रोफेसर्स की नियुक्ति नहीं हुई है.

प्रोफेसर्स नियुक्ति करने की जगह राज्य में नये विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है. इतना ही नहीं राज्य में शुरू किया गया देश का तीसरा रक्षाशक्ति विवि अपने स्थापना काल से लेकर आजतक स्थायी कैंपस का ही इंतजार कर रहा है.

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3693 पद स्वीकृत, 2224 रिक्त और 4562 प्रोफेसर्स की जरूरत

राज्य में उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार आठ स्टेट यूनिवर्सिटी में 2224 प्रोफेसर्स के पद रिक्त हैं. जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 3693 है. वहीं छात्रों की बढ़ती संख्या के लिहाज से 4562 शिक्षकों की आवश्यकता राज्य के विश्वविद्यालयों को है. वहीं इन विश्वविद्यालयों में नियुक्ति की बात करें तो 12 साल पहले साल 2008 में 751 प्रोफेसर्स की नियुक्ति ही हो पायी है.

राज्य के विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की बात करें तो रांची विवि  में 550, डीएसपीएमयू रांची में 100, विनोबा भावे विवि में 161, कोल्हान विवि में 424, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि में 390, नीलांबर-पीतांबर विवि पलामू में 285, सिद्धो कान्हू मूर्मू विवि दुमका में 302 प्रोफेसर्स के पद रिक्त हैं. वहीं एकमात्र झारखंड रक्षाशक्ति विवि में स्वीकृत 13 में से 12 पद रिक्त हैं.

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नये विश्वविद्यालय खोलने की हो रही तैयारी

राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर्स की नियुक्ति की जिम्मेदारी जेपीएससी के जिम्मे है. लेकिन जेपीएससी को प्रोफेसर्स की नियुक्ति की अनुशंसा मिलने के बाद भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है. जबकि अब राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी, आदिवासी यूनिवर्सिटी, संस्कृत विवि, महिला विवि खोलने की तैयारी हो रही है.

आदिवासी यूनिविर्सटी और संस्कृत विवि खोलने की प्रक्रिया बीते तीन साल से चल रही है. वहीं अगले सत्र से ओपन यूनिवर्सिटी में नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की कवायद चल रही है. वहीं स्थापित विश्वविद्यालयों की बात करें तो राज्य में केंद्रीय विवि, कोयलांचल विवि, रक्षाशक्ति यूनिवर्सिटी अब भी अपने स्थायी कैंपस का इंतजार कर रहे हैं.

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