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अक्सर बंद रहते हैं गिरिडीह के वाटर ATM, नगर निगम उदासीन

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Giridih : लोगों को किफायती दर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गिरिडीह नगर निगम द्वारा शहर में पांच वाटर एटीएम लगाए गए हैं. लेकिन ये अक्सर बंद रहते हैं. इससे शहर के लोगों को परेशानी हो रही है. कोर्ट, अस्पताल और विभिन्न कार्यों के लिए रोज जिला मुख्यालय आने वाले राहगीरों को वाटर एटीएम बंद रहने से बाजार से महंगे दामों में पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर होना पड़ रहा है.

2017 में लगे थे पांच वाटर एटीएम

गिरिडीह में 2017 में पीपीपी मोड के तहत शहर के कोर्ट मोड़, अंबेडकर चौक, बस स्टैण्ड, बड़ा चौक और हुट्टी बाजार में कुल पांच वाटर एटीएम की शुरुआत की गयी थी. इसमें मात्र एक रुपये का सिक्का डालने से 300 एमएल लीटर शुद्ध आरओ पानी मिलने की सुविधा थी. तीन रुपये में एक लीटर और 18 रुपये में 20 लीटर पीने का पानी मिल रहा था. शुरू में शहर में आने वाले लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे ये वाटर बूथ अक्सर बंद रहने लगे. अब तो यह लगातार चलने वाला सिलसिला बन गया है. कभी पानी सप्लाई बंद रहने तो कभी मशीन खराब होने की बात कही जाती है. उद्घाटन के समय इसे सरकार की उपलब्धि बताते हुए हर वाटर बूथ पर सीएम रघुवर दास की तस्वीर भी लगाई गई थी. अब बंद रहने वाले वाटर एटीएम मानो तस्वीर को चिढ़ाते नजर आते हैं.

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नगर निगम की लापरवाही

नगर क्षेत्र में लगे वाटर एटीएम की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम ने रांची के एक निजी एजेंसी विवेक इंफ्रास्ट्रक्चर को सात सालों के लिए दी है. लेकिन ना तो एजेंसी ठीक ढंग से वाटर एटीएम का मेंटेनेंस कर रही है और ना ही नगर निगम के अधिकारी इस जरूरी जनोपयोगी सुविधा के सही संचालन का निरीक्षण करते हैं. इनकी लापरवाही का नतीजा है कि बड़ी धूमधाम से शुरू हुई यह सुविधा धीरे-धीरे खस्ताहाल हो चली है.

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