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जनता की समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान करें अधिकारी : हेमंत सोरेन

  • मुख्यमंत्री ने दुमका में लगायी जनता दरबार

Ranchi  :  गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को लेकर सोमवार को दुमका पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न संघों और जनता से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा. कई लोगों ने आवेदन देकर अपनी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया. मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि उनकी समस्याओं पर यथोचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये जायेंगे. वहीं, इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं को सुन ऑन द स्पॉट निपटारा करें. मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता की समस्याओं का निराकरण सरकार की विशेष प्राथमिकता है. हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलकर उनकी परेशानियों की जानकारी लेकर उसे यथासंभव दूर किया जाये.”

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संवेदनशीलता दिखायें अधिकारी, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को संवेदनशीलता दिखानी होगी. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के अनुसार अधिकारी करें. बेवजह किसी मामले को लटकाने की कोशिश न हो. इसमें जो भी लापरवाही बरतेंगे,  उनके खिलाफ नियमानुकूल कार्रवाई की जायेगी.

सैकड़ों की संख्या में आये थे फरियादी

बता दें कि मुख्यमंत्री के पास अपनी समस्याओं को लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग आये थे. मुख्यमंत्री ने एक- एक कर सभी की समस्याएं सुनीं और उनके आवेदन भी लिये. मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपनेवालों में जल सहिया संघ झारखंड प्रदेश, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संघ,  वायफ कर्मचारी संघ समेत कई और संघ के प्रतिनिधि शामिल थे. वहीं, नौकरी, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, जमीन से जुड़े मामले, राशन कार्ड, इलाज के लिए सरकारी सहायता आदि के लिए भी कई लोगों ने भी आवेदन सौंपा.

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दिव्यांगता को कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति बनाने की अपील

इसके अलावा हेमंत सोरेन ने दुमका प्रखंड के केंद पहाड़ी गांव के निवासी दिव्यांग जोसेफ हांसदा को व्हीलचेयर और उनके परिजनों को कंबल और गर्म वस्त्र प्रदान किये. मुख्यमंत्री ने उन्हें निःशक्तता पेंशन का लाभ देने और उनके बच्चों का विद्यालय में नामांकन और पठन-पाठन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया. उन्होंने जोसेफ का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वह अपनी दिव्यांगता को कमजोरी नहीं समझें, बल्कि अपनी शक्ति बनायें.

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