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सरकार के दबाव में प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने दूसरी बार आंदोलन स्थगित किया

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  • आठ महीने पहले की तरह इस बार भी मिला आश्वासन
  •  प्रीमियर सेवा और बेसिक ग्रेड पे के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमिटी
  • एक माह के अंदर कमिटी की रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
  • सीएम के बयान पर झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने साधी चुप्पी

Ranchi:  राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने सरकार के दबाव में दोबारा अपना आंदोलन स्थगित किया. इससे पहले लगभग आठ माह पूर्व भी मुख्य सचिव द्वारा झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ को आश्वासन दिया गया था कि एक-दो माह के अंदर संघ के 15 सूत्री मांगों पर निर्णय ले लिया जायेगा. लेकिन आठ माह गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की गयी. इस बार भी संघ की प्रमुख मांगों में प्रीमियर सेवा लागू करने और अपर सचिव, विशेष सचिव के बेसिक ग्रेड में वेतन विसंगति को दूर करने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी बनाने की बात कही गयी. कहा गया कि कमिटी एक माह के अंदर रिपोर्ट देगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी. संघ के कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने बताया कि संघ की अधिकांश मांगे मान ली गयी हैं.

प्रीमियर सेवा में पहले से ही फंसा है पेंच

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वर्ष 2008-09 में प्रीमियर सेवा लागू करने की मांग जोर से उठी थी. उस समय भी इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया था. झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ने इसे फिर से एक बार लागू करने की मांग की है. बिहार में प्रीमियर सेवा लागू है. इसके तहत एसडीएम रैंक के अफसरों की सीधी नियुक्ति होगी. जिससे राज्य सेवा के अफसरों का जल्द प्रमोशन होगा और वे आइएएस संवर्ग तक जल्द प्रोन्नति पा सकेंगे. वहीं बीडीओ-सीओ की नियुक्ति ग्रामीण विकास विभाग और राजस्व विभाग के तहत होगी.

सीएम के बयान पर संघ ने साधी चुप्पी

झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के अफसरों ने सीएम के उस बयान पर चुप्पी साध ली, जिसमें सीएम ने सीधी बात कार्यक्रम में कहा था कि सभी बीडीओ-सीओ भष्ट हैं. सरकार की इससे बदनामी हो रही है. इस बयान के बाद संघ ने प्रेस वार्ता कर कहा था कि सीएम के इस बयान से राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का मनोबल गिरा है. क्षेत्रीय पदाधिकारियों में काफी आक्रोश है. भविष्य में ऐसे बयान नहीं दिये जायें.

इन मांगों पर बनी है सरकार के साथ सहमति

संघ के कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने बताया कि हर अंचल में अंचल गार्ड की प्रतिनियुक्ति, बिहार की तर्ज पर राज्य प्रशासनिक सेवा को प्रीमियर सेवा घोषित करना. विशेष सचिव में प्रोन्नति के लिए एक बार कालावधि करना, केंद्र व बिहार सरकार की तर्ज पर चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान करना, वेतन विसंगति दूर करना, अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम के समकक्ष रिक्त पदों पर प्रोन्नति और 2017 के आईएएस संवर्ग की रिक्ति को भरने की मांगों पर सहमति बनी है.

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