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ओडिशा विधानसभा चुनाव : बीजेडी दो-तिहाई बहुमत की ओर, अरुणाचल प्रदेश में भाजपा सत्ता के करीब

अब तक के रुझानों के हिसाब से देखा जाये तो वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने जा रहे हैं.   

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NewDelhi : .  ओडिशा विधानसभा चुनाव में नवीन पटनायक रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं. अब तक के रुझानों के हिसाब से देखा जाये तो वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने जा रहे हैं.    नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) दो-तिहाई बहुमत के साथ लगातार पांचवीं बार चुनाव जीत रही है.

अब तक के रुझानों के अनुसार, 146 सदस्यीय विधानसभा में बीजेडी ने 110 सीटों पर बढ़त बना ली है तो भारतीय जनता पार्टी को 22 सीटों पर बढ़त है, जबकि कांग्रेस को 12, झारखंड मुक्ति मोर्चा और सीपीआई को 1-1 सीटों पर बढ़त हासिल है. ओडिशा में लोकसभा चुनाव के पहले चार चरणों के साथ ही विधानसभा चुनाव की 147 सीटों पर चुनाव कराया गया था.

नवीन पटनायक पर लोगों का भरोसा अब भी बरकरार

साल 2000 से ओडिशा के मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे नवीन पटनायक पर लोगों का भरोसा अब भी बरकरार है. इससे पहले इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल ने ओडिशा की सत्ता में पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) की आसान वापसी का अनुमान जताया था.

साल 2014 के विधानसभा चुनाव नतीजों की बात करें तो बीजेडी को 117, कांग्रेस को 16 और भारतीय जनता पार्टी 10 सीट पर जीत हासिल हुई थी. 5 साल पहले के चुनाव में अगर वोट प्रतिशत के आंकड़ों पर गौर करें तो बीजेडी को 43.4 प्रतिशत वोट प्रतिशत मिला था. जबकि, बीजेपी का वोट शेयर पिछले चुनाव में 18 फीसदी था और कांग्रेस का वोट शेयर 2014 में 25.7 प्रतिशत रहा था. कांग्रेस का राज्य में खिसकता आधार बीजेपी का फायदा बनता जा रहा है. हालांकि नवीन पटनायक अब भी राज्य में सबसे लोकप्रिय नेता है.

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता के करीब

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता के करीब पहुंचती दिख रही है. 60 सदस्यीय विधानसभा में अब तक आये 33 सीटों के रुझानों में भाजपा को 24 सीटों पर बढ़त है जिसमें उसे 12 सीटों पर जीत भी मिल चुकी है. वहीं जनता दल (यूनाइटेड) को 4 सीटों पर बढ़त है जिसमें 2 पर उसे जीत मिल चुकी है. कांग्रेस 2 सीट जीत चुकी है. भाजपा को बहुमत के लिए अभी 6 सीट और चाहिए.

लोकसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम भी आज गुरुवार (23 मई) आ रहे हैं. अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक ही चरण में 11 अप्रैल को चुनाव हुए. वर्तमान में भाजपा के पेमा खांडू राज्य के मुख्यमंत्री हैं. पिछले चुनाव में यहां कांग्रेस ने 42 सीट पर जबकि भाजपा ने 11 सीटें जीती थीं. इसके अलावा 2 निर्दलीय उम्मीदवारों और पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी.

  सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के बीच कांटे की जंग

सिक्किम में सत्ता के लिए जोरदार लड़ाई जारी है और पिछले 25 साल से सत्ता पर काबिज सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के बीच कांटे की जंग है. 17वीं सिक्किम लोकसभा चुनाव के साथ-साथ सिक्किम विधानसभा चुनाव के परिणाम और रुझान सामने आ रहे हैं जिसमें अब तक 32 में से 22 सीटों पर रुझान आ चुके हैं. 32 सदस्यीय विधानसभा सीट में से 22 सीटों पर आए रुझानों में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा को 11 सीटों पर बढ़त है जिसमें उसने 8 पर जीत हासिल कर ली है और 3 पर बढ़त है.

जबकि सत्तारुढ़ सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 10 सीटों पर आगे है जिसमें उसे 4 सीट पर जीत मिली और 6 सीट पर बढ़त कायम है. एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहा है. इससे पहले सिक्किम विधानसभा के लिए एक चरण में 11 अप्रैल को वोट डाले गये. सत्तारूढ़ सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) एक बार फिर राज्य में वापसी की कोशिशों में लगी है. राज्य के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग पांच बार यहां के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और छठी बार मैदान में उतरे हैं.

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