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मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ी, कोरोना के जैसे ही हैं लक्षण

Ranchi: कोरोना के कहर के बीच राजधानी में मौसमी बीमारी के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं. मौसम पल पल बदल रहा है. कभी अचानक से ठंड हो जा रही है तो कभी गर्म. अब लगातार कनकनी और फॉग ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. वहीं थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को भारी पड़ रही है. ऐसे में लोगों को सर्दी, खांसी और बुखार चपेट में ले रही है. ऐसे मरीजों को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें. अब ओपीडी में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ गई है. चूंकि मौसमी बीमारियों के भी ज्यादातर लक्षण कोरोना जैसे ही है. ऐसे में डॉक्टर सतर्कता बरतते हुए उन्हें कोविड टेस्ट कराने की सलाह दे रहे है. जिससे कि इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सके.

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ओपीडी में ज्यादा पहुंच रहे मरीज

ओपीडी में मरीज लिमिट से ज्यादा आ रहे है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिम्स ओपीडी में हर दिन आने वाले मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ गई है. ऐसे में डॉक्टर एक्सट्रा मरीजों को देखकर उन्हें दवाएं लिख रहे हैं. बताते चलें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए 1 घंटे में दस से ज्यादा मरीजों को नहीं देखने का निर्देश जारी किया गया है.

आइसोलेट हो जाए तो परेशानी नहीं

एक्सपर्ट्स की माने तो मौसमी बीमारियां और कोविड के लक्षण लगभग समान है. ऐसे में किसी भी तरह के लक्षण मिलने पर खुद को आइसोलेट कर लिया जाए तो बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है. वहीं प्रापर दवाएं लेने से मरीज 3-4 दिन में रिकवर भी हो जा रहे है. कोरोना के मरीजों में वीकनेस और खांसी निगेटिव होने के बाद भी रह रही है. जिससे साफ है कि उन्हें कोरोना ही हुआ है.

स्क्रीनिंग में भी आ रही परेशानी

मौसमी बीमारियों और कोरोना के समान लक्षण होने के कारण स्क्रीनिंग में भी परेशानी आ रही है. ओपीडी में मरीज कुछ भी बता रहे है तो उससे भी कंफ्यूजन हो रहा है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर तत्काल कोविड टेस्ट कराने को कह रहे है जिससे कि कोरोना का संक्रमण न फैले और समय पर मरीज का इलाज हो सके.

मौसमी बीमारी को हल्के में ना लें

रिम्स के मेडिसीन डिपार्टमेंट के डॉ बी कुमार की माने तो अभी मौसमी बीमारी को हल्के में लेने की जरूरत नहीं है. ओपीडी में तो हमारे पास मरीज आ रहे है. लेकिन जो भी लोग अगर उनमें सर्दी, खासी और बुखार के लक्षण है तो कोविड टेस्ट करा लें. इससे साफ हो जाएगा कि उन्हें क्या समस्या है.

सदर हॉस्पिटल के पोस्ट कोविड इंचार्ज सह लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ अजीत का कहना है कि लक्षण समान होने के कारण समझना थोड़ा मुश्किल है. ऐसे में सर्दी, खांसी और बुखार के अलावा बॉडी में पेन व गले में खराश है तो यह सामान्य मौसमी बीमारी नहीं हो सकती. टेस्ट कराकर आइसोलेट हो जाए और प्रापर दवाएं लें.

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