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एनएसयूआइ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, जेटीयू अधिनियम बचाने का किया अनुरोधक

Ranchi : कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआइ के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के विभिन्न मुद्दे एवं स्कॉलरशिप मामले को लेकर ज्ञापन दिया. विदित हो कि तकनीकी शिक्षा में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा उत्पन्न कमियों के कारण झारखंड के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा. तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षक, कर्मचारियों की घोर कमी के साथ-साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं जैसे लैब, लाइब्रेरी, परीक्षा, परिणाम से इसमें पढ़नेवाले छात्रों को वंचित रखा जा रहा.

प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि झारखंड के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को पीपीपी मोड पर चलाया जा रहा है जिसके कारण यहां पढ़नेवाले छात्रों को इन संस्थानों में गुणवत्ता एवं प्रशासनिक जिम्मेवारी की घोर लापरवाही का सामना करना पड़ रहा.

झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी अधिनियम 2011 का हनन रोके सरकार

झारखंड के छात्रों को अच्छी तकनीकी शिक्षा से वंचित रखने के लिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा वर्ष 2018 में झारखंड प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अधिनियम 2011 को संशोधित कर नये संशोधित नियम के द्वारा झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में विहित सारी शक्तियों एवं कृत्यों का हनन कर झारखंड के छात्रों के भविष्य को ताक पर रख कर इसकी असिमता को सदैव के लिए मिटाने का प्रयास किया. जिस कारण आज विश्विद्यालय को अपने ऐसे कई शक्तियों से वंचित रखा गया है जो पुनः इस विश्वविद्यालय में विहित कर दिया जाये तो झारखंड के छात्र छात्राओं के हित में कई क्रांतिकारी बदलाव किये जा सकेंगे.

टेक्निकल यूनिवर्सिटी को नियमावली जल्द से जल्द दी जाये

टेक्निकल यूनिवर्सिटी की स्थापना 2015 में हुई थी. इसे ऑटोनोमस बनाया गया है. लेकिन दुर्भाग्य यह है कि अपनी स्थापना के 5 साल बाद भी इस विश्वविद्याल को अपनी नियमावली नहीं मिल पायी है. नियमावली न होने से विवि में नियुक्त होनेवाले कुलपतियों के हाथ बंधे होते हैं. क्या करना है, क्या नहीं करना है, के चक्कर में महत्वपूर्ण निर्णय नहीं हो पाते. इतनी बड़ी यूनिर्वसिटी बगैर नियमावली के फंक्शन कर रही है.

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