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NSO रिपोर्ट का दावा- देश में 2.2 प्रतिशत लोग दिव्यांगता से पीड़ित

New Delhi: राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शनिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से दिसंबर 2018 के बीच देश की कुल जनसंख्या में 2.2 प्रतिशत दिव्यांगजन थे.

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के विभाग एनएसओ ने जुलाई 2018 से दिसंबर 2018 के बीच दिव्यांगजनों का सर्वेक्षण कराया था. यह राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 76वें सर्वेक्षण का एक भाग था.

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क्या है रिपोर्ट में

रिपोर्ट में बताया गया कि पुरुषों में दिव्यांगता का प्रतिशत 2.4 था जबकि महिलाओं में यह 1.9 प्रतिशत थी. वर्तमान सर्वेक्षण भारत के 1.18 लाख घरों में किया गया.

सर्वेक्षण में कहा गया कि सात वर्ष और उससे अधिक आयु के दिव्यांगजनों में से 52.2 प्रतिशत साक्षर थे. वहीं करीब 28.8 प्रतिशत दिव्यांगजनों ने कहा कि उनके पास दिव्यांगता का प्रमाण पत्र है. 

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दिव्यांगता क्या है

गौरतलब है कि दिव्यांगता एक व्यापक शब्द है जो किसी व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, ऐन्द्रिक, बौद्धिक विकास में किसी प्रकार की कमी को इंगित करता है. दिव्यांगता के 21 प्रकार होते हैं.

दिव्यांगता के कई लक्षण होते हैं जैसे कि चलन दिव्यांगता, बौनापन, मांसपेशी दुर्विकास, तेजाब हमला पीड़ित, दृष्टि बाधित, अल्पदृष्टि, श्रवण बाधित, कम, ऊंचा सुनना, बोलने एवं भाषा की दिव्यांगता, कुष्ठ रोग से मुक्त, प्रमस्तिष्क घात, बहु दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने की दिव्यांगता, स्वलीनता, मानसिक रूगणता, बहु-स्केलेरोसिस, पार्किसंस, हेमोफीलिया, थेलेसीमिया, सिक्कल कोशिका रोग.

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