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अब प्राइवेट नौकरी में पूरी सैलरी के आधार पर देना होगा पेंशनः सुप्रीम कोर्ट

प्राइवेट नौकरी करनेवालों को मिलेगा कई गुना बढ़ा हुआ पेंशन

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New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से प्राइवेट नौकरी करने वालों को बड़ी राहत मिली है. सोमवार को दिए गए एक फैसले में कोर्ट ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन को पूरी तन्ख्वाह के आधार पर देने का आदेश दिया है.

जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को अब कई गुना बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी. ज्ञात हो कि अभी तक EPFO द्वारा अधिकतम 15,000 रुपए तक की सैलरी को आधार बनाते हुए ही पेंशन दी जाती थी.

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फैसले के बाद कैसा होगा पेंशन का गणित

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, मौजूदा सिस्टम के मुताबिक कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत साल 1996 तक सिर्फ अधिकतम 6500 रुपए की सैलरी के आधार पर उसका 8.33 प्रतिशत भाग पेंशन के रुप में दिया जाता था.

साल 1996 में इसमें संशोधन किया गया और उसके बाद कर्मचारियों को अधिकतम 15,000 रुपए का 8.33 प्रतिशत भाग पेंशन के रुप में दिया जाने लगा. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के तहत पेंशन की गणना फुल सैलरी (बेसिक+डीए+रिटेंशन बोनस) के आधार पर की जाएगी.

जनसत्ता की खबर के अनुसार, पेंशन की गणना (कर्मचारी द्वारा नौकरी में बिताए गए कुल साल+2)/70xअंतिम सैलरी के आधार पर होगी. इस तरह यदि किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपए महीना है, तो उसे अब हर माह करीब 25000 रुपए पेंशन के रुप में मिलेंगे, जबकि पूराने सिस्टम के तहत यह पेंशन सिर्फ 5,180 रुपए होती थी.

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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की EPFO की याचिका

साल 2014 में EPFO द्वारा किए गए संशोधन के बाद कर्मचारी की पेंशन की गणना 6500 की जगह 15000 के आधार पर करने को मंजूरी दे दी थी. लेकिन इसमें यह भी निर्धारित कर दिया गया कि पेंशन की गणना कर्मचारी की पिछले 5 सालों की औसत सैलरी के आधार पर होगी.

हालांकि, इससे पूर्व यह गणना रिटायरमेंट से पहले के एक साल के आधार पर ही होती थी. लेकिन जब इसके बाद मामला केरल हाईकोर्ट पहुंचा, तो केरल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में फिर से पेंशन की गणना का आधार रिटायरमेंट से पहले के एक साल को बना दिया और 5 साल वाली बाध्यता को खत्म कर दिया.

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इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अक्टुबर, 2016 में दिए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों की पूरी तन्खवाह के आधार पर पेंशन देने का फैसला दिया.

कुछ दिनों पहले EPFO ने केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को EPFO की याचिका खारिज करते हुए प्राइवेट कर्मचारियों को कई गुना बढ़ी हुई पेंशन मिलने का रास्ता साफ कर दिया है.

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