West Bengal

अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा असली इंटक कौन‍‍, तीनों गुटों को नोटिस, दो हफ्ते में मांगा जवाब

Asansol : इंटक में असली-नकली का चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट के दो जज संजय किशन कौल एवं केएस जोसेफ की खंडपीठ इस मामले में अगली सुनवाई करेगी.

देश के सॉलिसिटर जेनरल (एसजी) तुषार मेहता की याचिका पर 16 अगस्त को सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने इंटक के तीनों गुट रेड्डी गुट, ददई गुट एवं तिवारी गुट को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

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क्या है मामला

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इंटक पर दावेदारी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट समेत अन्य कई कोर्ट में मामले चल रहे हैं. दिल्ली हाइकोर्ट के 16 सितंबर 2016 के आदेश के कारण इंटक दसवीं जेबीसीसीआइ में शामिल नहीं हो सका. कोर्ट के इसी आदेश के आलोक में श्रम मंत्रालय ने देश के सभी  द्विपक्षीय एवं त्रिपक्षीय कमेटियों से इंटक को बाहर कर दिया.

ताजा मामला डब्ल्यूसीएल में इंटक की यूनियन राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ (इंटक) आरकेकेएमएस से जुड़ा है. आरकेकेएमएस ने वर्ष 2017 में डब्ल्यूसीएल प्रबंधन द्वारा आइआर (औद्योगिक संबंध) में शामिल नहीं करने पर बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में याचिका संख्या 5320/ 2017 दाखिल की.

मामले की सुनवाई के बाद 8 मार्च 2019 को कोर्ट ने आरकेकेएमएस के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डब्ल्यूसीएल प्रबंधन को आइआर में शामिल करने का आदेश दिया. प्रबंधन ने इस आदेश पर न तो अमल किया और न ही इस फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील की. तब यूनियन ने डब्ल्यूसीएल प्रबंधन के खिलाफ बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में जुलाई 2019 में अवमानना वाद दायर कर दिया.

इस अवमाननावाद में यूनियन ने डब्ल्यूसीएल के सीएमडी एवं चेयरमैन कोल इंडिया को पार्टी बनाया. इस अवमाननावाद के  खिलाफ डब्ल्यूसीएल प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में 119311/2019 दायर किया.

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क्या कहा सॉलिसिटर जेनरल ने

डब्ल्यूसीएल की ओर से दायर याचिका 119311/2019 की सुनवाई 16 अगसत 2019 को हुई. डब्ल्यूसीएल की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, अधिक्ता डीएल धर्माधिकारी, अधिवक्ता उद्यम मुखर्जी एवं कृष्णायन सेन उपस्थित थे. कोर्ट मास्टर अनिता रानी आहुजा द्वारा जारी दस्तावेज के मुताबिक एसजी तुषार मेहता ने देर के लिए क्षमा मांगी.

उन्होंने कहा कि केवल एक दिक्कत यह है कि तीन गुट में कौन इंटक का प्रतिनिधित्व करेगा. ये मामला एक से अधिक कोर्ट में हैं. ऐसे में तीनों गुटों की बात सुने बगैर किसी एक गुट को यूनियन सदस्यता मद में काटी गई रकम को कैसे दिया जा सकता है. इस पर अदालत ने इंटक के ददई गुट एवं तिवारी गुट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई दो सितंबर को निर्धारित किया. ददई गुट के राष्ट्रीय महासचिव एनजी अरुण ने सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलने का पुष्टि की है.

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