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अब स्काडा लगायेगा फॉल्ट का पता, इलेक्ट्रीक टेक्नीशियन को नहीं लगाना होगा चक्कर

Dhanbad: अब बिजल मिस्त्री को गड़बड़ी का पता लगाने के लिए पोल दर पोल नहीं घूमना होगा. जी, हां अब धनबाद में बिजली में आयी गड़बड़ी का पता लगाने के लिए बिजली विभाग ने इसका उपाय भी ढूंढ निकाला है. बिजली विभाग धनबाद सहित रांची और जमशेदपुर में एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है. इन तीनों शहरों में जेवीएनएल की ओर से स्काडा नाम का एक सॉफ़्टवेयर लगाया जा रहा है. जिससे किसी भी सब डिवीजन में होने वाले ओवर लोड, लोड शेडिंग, या अन्य कोई गड़बड़ी का पता आसानी से लगाया जा सके. इसके संबंधित खामियों को आसानी से दूर कर लिया जायेगा.

इस तरह काम करेगा स्काडा

स्काडा एक सॉफ़्टवेयर है जिसका पूरा नाम सुपरवायजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्युजिशन (SCADA) है. इस सॉफ्टवेयर में 15-20 के लगभग अलग-अलग सर्वर लगेंगे. इनको चलाने के लिए केवल एक आदमी की जरूरत है. इससे पैसा और समय की भी बहुत बचत होगी. इससे रिमोट सेंसिंग के द्वारा फॉल्ट की दूरी का पता चल जायेगा. जिसके बाद बिना समय की बर्बादी के काम निपटा लिया जायेगा. जानकारी के अनुसार 15- 20 दिनो में धनबाद एरिया बोर्ड में काम शुरू हो जायेगा. जानकारों की मानें तो लगभग 60 से 65 लाख रुपये का खर्च तीनो जिलो में हो चुका है.

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एक किलोमीटर के दायरे में पता चल जायेगा फॉल्ट

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वर्तमान में लोड शेडिंग होने पर सटिक जगह का पता नहीं चल पाता है. संबंधित पावर हाऊस के पूरे क्षेत्र में यानी 10 से 12 किलोमीटर के दायरे में जाकर फॉल्ट का पता करना होता है. लेकिन स्काडा सॉफ़्टवेयर की मदद से एक किलोमीटर के इंटरवल में ही लोड शेडिंग, फॉल्ट, ओवर लोड का आसानी से पता चल जायेगा.

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