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अब देवका बाई भेलजी माइंस के आयरन ओऱ की बगैर टेस्टिंग नीलामी पर उठे सवाल

Ranchi: खान विभाग अब देवका बाई भेलजी माइंस के आयरन ओर (लौह अयस्क) की नीलामी में लगा है. इसके लिये नोटिस भी जारी की गयी है. पश्चिमी सिंहभूम के अजिताबुरू, घाटकुड़ी व आर.एफ मौजा में ये माइंस है. तकरीबन 46.62 हेक्टेयर में यह फैला हुआ है. विधायक सरयू राय ने इसकी नीलामी को लेकर खान विभाग की मंशा पर सवाल उठाया है. राज्य सरकार को इस पर संज्ञान लेने को कहा है.

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खान विभाग है शातिर

सरयू राय ने अपनी बातों को ट्विटर पर भी रखा है. सीएम हेमंत सोरेन से कहा है कि देवका बाई भेलजी का 46 हेक्टेयर खनन क्षेत्र है. इसमें से 12 हेक्टेयर का बगैर अन्वेषण किये ही पूरे क्षेत्र पर 17 लाख टन लौह अयस्क की नीलामी की नोटिस जारी की गयी है. यह खान विभाग की अक्षम्य गलती की है. विभाग के तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी मूर्ख हैं. या फिर वे शातिर हैं. सरकार को इन्हें संभालना चाहिये. ऐसा नहीं किये जाने से राज्य को घाटा भी होगा.

ठकुरानी माइंस पर भी सवाल

गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम स्थित ठकुरानी लौह अयस्क खदान में 101723.6 टन लौह अयस्क लंप्स और फाइंस की ई-नीलामी के लिये टेंडर जारी हो चुका है. झारखंड राज्य खनिज विकास निगम ने इसकी निविदा जारी कर दी है. सरयू राय ने इसकी नीलामी से सरकार को करोड़ों के नुकसान की आशंका जतायी है.

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आयरन ओर के ग्रेड की जांच कराये जाने का आग्रह सरकार से किया है. आशंका जतायी है कि ठकुरानी माइंस की नीलामी से सरकार को प्रति टन करीब 200 करोड़ का नुकसान हो सकता है. इस हिसाब से खदान की नीलामी से 2 करोड़ 3 लाख 44 हजार 720 करोड़ का नुकसान हो सकता है. ऐसे में फिर से इसके ग्रेडिंग की जांच से वाजिब पैसे मिल सकेंगे.

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