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अब शहीद जतरा टाना भगत के गांव चिंगरी नावाटोली को ‘सफल ग्राम’ बनाने की तैयारी

Ranchi: राज्य सरकार शहीद जतरा टाना भगत के गुमला स्थित गांव चिंगरी नावाटोली की सूरत बदलने में लगी है. खासकर गांव के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के तरीकों को अपनाकर. कृषि, पशुपालन विभाग, झारखंड ने इस दिशा में कदम उठाया है. विभाग की ओर से झारखंड राज्य लघु वनोपज सहकारी विकास एवं विपणन संघ लिमिटेड (झाम्कोफेड लि) को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए फेडरेशन के आधारभूत संरचना विकास अंतर्गत सपोर्ट मिला है. अब इसके आधार पर झाम्कोफेड ने चिंगरी नावाटोली में सफल ग्राम (SAFAL GRAM) योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी की है. इसके लिए एजेंसियों, एनजीओ, संस्थाओं से मदद मांगी है. 9 दिसम्बर तक इसके लिए आवेदन मांगे हैं. वेबसाइट https://www.jhamcofed.comसे इसके लिए जानकारी लेने को कहा है.

स्कीम का लाभ

झाम्कोफेड के एमडी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक सफल ग्राम योजना के जरिये शहीद चिंगरी नावाटोली के ग्रामीणों को विभिन्न मद में ट्रेंड किया जाएगा. इससे खासकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी. साथ ही चयनितों को एक्सपोजर विजिट भी कराया जाएगा जिसका व्यापक लाभ मिलेगा.

अब भी हैं चुनौतियां

गौरतलब है कि गुमला के चिंगरी नावाटोली गांव की पहचान वीर शहीद जतरा टाना भगत से जुड़ी हुई है. दुर्भाग्यवश अब भी गांव में अनेकों चुनौतियां बनी हुई हैं. यहां तक कि स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के वंशज आज भी गरीबी व बेरोजगारी के कारण पलायन को विवश हैं. जतरा टाना भगत के वंशज (पोता) विश्वा टाना भगत आज भी चिंगरी नवाटोली स्थित गांव में खपड़े के मकान में रहते हैं. 70 वर्ष की उम्र में भी मजदूरी कर पेट पालने को विवश हैं जबकि विश्वा के चार पुत्र हैं. गांव में काम नहीं मिलने के कारण दो बेटे पलायन कर अन्य राज्य में काम कर रहे हैं.

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