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थर्ड और फोर्थ ग्रेड की सरकारी नौकरियों में अब जिला स्तर पर सिर्फ स्थानीय लोगों की ही होगी नियुक्ति

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  • सरकार ने स्थानीय नीति में थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नियुक्तियों को लेकर किया संशोधन
  • अगले 10 वर्षों तक लागू रहेगी यह नयी व्यवस्था
  • कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने जारी किया गजट

Ranchi : झारखंड सरकार ने तृतीय और चतुर्थ वर्गीय नियुक्तियों में जिला स्तर पर सिर्फ स्थानीयों को ही नियुक्त करने का निर्णय लिया है. इसके तहत अगले 10 वर्षों तक सरकार की नयी नियुक्ति संबंधी अधिसूचना लागू रहेगी. सरकार की तरफ से 14.7.2016 को जारी संकल्प संख्या 3854 में संशोधन किया गया है. गौरतलब है कि तत्कालीन कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की सचिव निधि खरे के हस्ताक्षर से जारी उस संकल्प पत्र में अनुसूचित जिले साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, लातेहार, रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में थर्ड और फोर्थ ग्रेड की सरकारी नियुक्तियों में 10 वर्ष तक स्थानीयों को प्राथमिकता देने की बातें कही गयी थीं. इसके बाद जून 2018 में स्थानीय नीति नियमावली को संशोधित करते हुए थर्ड और फोर्थ ग्रेड के पदों पर नियुक्ति करने का नियम सभी जिलों में कर दिया गया. सरकार की तरफ से सभी राज्यस्तरीय पदों पर भविष्य में होनेवाली नियुक्तियों को लेकर स्थानीय निवासियों को ही योग्य माना गया था. अब उसमें भी संशोधन किया गया है, जिसके तहत तृतीय और चतुर्थ वर्गीय नियुक्तियों में अगले 10 वर्षों तक जिला स्तर पर सिर्फ स्थानीयों को ही नियुक्त किया जायेगा.

थर्ड और फोर्थ ग्रेड की सरकारी नौकरियों में अब जिला स्तर पर सिर्फ स्थानीय लोगों की ही होगी नियुक्ति
कार्मिक विभाग का संकल्प, जिसे संशोधित किया गया है.

अराजपत्रित कर्मियों के समकक्ष

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कार्मिक विभाग की तरफ से जारी संशोधन पत्र में कहा गया है कि वर्ग तीन और वर्ग चार के शब्द समूह को अराजपत्रित कर्मियों के पदों के समकक्ष माना गया है. इसे समूह क और समूह ख के पदों से जोड़ दिया गया है. सरकार का मानना है कि कार्मिक विभाग ने 5216, दिनांक 30.8.2010 को राज्य सेवा से जुड़े पदों को क, ख, ग और घ के लिए वर्गीकृत किया है. इन पदों का ग्रुप-3 और ग्रुप-4 के पदों के समकक्ष निर्धारण नहीं होने से जिला स्तर पर होनेवाली नियुक्तियां भी प्रभावित हो रही थीं. पिछले कई दिनों से सरकार के पास इसका कोई जवाब भी नहीं दिया जा रहा था.

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