न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

अब नौकरी जाने के एक महीने बाद ही निकाल पायेंगे EPF की 75% राशि

2 महीने बाद निकाल पायेंगे बाकी की 25 फीसदी रकम

1,068

NW Desk: रिटायरमेंट सेविंग स्कीम के तौर पर देखे जानेवाले, एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड यानी ईपीएफ के नियमों में बदलाव किये जा रहे हैं. ये बदलाव क्या है, और आप इससे किस तरह से प्रभावित होंगे ये जानना आपके लिए जरुरी है. तो आईये जानते हैं, नियमों में किस तरह के बदलाव हुए हैं.

eidbanner

इसे भी पढ़ेंः 200 अंकों की बढ़त के साथ खुला सेंसेक्स, रुपया 30 पैसे मजबूत

नौकरी जाने के एक महीने बाद निकाल सकेंगे 75% राशि 

अममून एप्लायी, प्रोविडेंट फंड के तहत भविष्य के लिए धन सुरक्षित रखते हैं. ईपीएफओ के नए नियम के मुताबिक, नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद ही मेंबर्स 75 फीसदी धन की निकासी कर सकते हैं और 2 महीने बाद शेष 25 फीसदी हिस्सा भी निकाल सकते हैं. हालांकि, रिटायरमेंट से पहले भी ईपीएफ में कई बार निकासी की जरूरत पड़ सकती है. वही कुछ साल पहले ईपीएफओ ने नियम बनाया था कि आंशिक निकासी बच्चे की शादी, उच्च शिक्षा और मकान खरीदने के लिए ही की जा सकती है.

इक्विटी में इजाफा

तीन साल पहले, ईपीएफ ने स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना शुरु किया, और 5 फीसदी अंशदान को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में लगाया. इसके बाद से इसे 15 फीसदी तक बढ़ाया जा चुका है. भविष्य में कर्मचारियों को अपने अंशदान से और अधिक हिस्सा इक्विटीज में लगाने की छूट मिल सकती है.  वही फाइनैंशल प्लानर्स कहते हैं कि इक्विटी निवेश में वृद्धि से रिटायरमेंट के दौरान मेंबर्स को अधिक मदद मिलेगी. वही कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि  इक्विटी रिर्टन में अस्थिरता से सालाना ईपीएफ रिटर्न में उतार-चढ़ाव आएगा.

यूनिट के रूप में पीएफ बैलेंस 

पिछले साल ईपीएफओ ने इक्विटीज में निवेश से जुड़ी अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव किया. इटीएफ में लगाए गए कोष जल्द ही सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में यूनिट्स के रूप में दिए जाएंगे. इन यूनिट्स को फंड से निकलने पर भुनाया जा सकता है. इस बीच ऋण हिस्से पर कमाई ब्याज के रूप में मिलता रहेगा. सभी सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ के तहत दो अकाउंट्स होंगे, फिक्स्ड इनकम और इक्विटी. इसके अलावा, सब्सक्राइबर्स को इक्विटी में निवेश की गई राशि की निकासी को तीन साल तक टालने का विकल्प मिलेगा.

EPSमें बदलाव

ईपीएफ के साथ-साथ एंप्लॉयी पेंशन स्कीम (ईपीएस) में भी कुछ बदलाव हो सकते हैं. दरअसल, वर्तमान समय में, प्रति माह 15 हजार रुपये कमाने वाले एंप्लॉयी रिटायरमेंट के बाद हर महीने 1 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलता है. श्रम मंत्रालय मूल वेतन की सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर सकता है. मिनिमम मंथली पेंशन को भी बढ़ाकर 2 हजार रुपये किया जा सकता है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: