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डोरंडा बाजार में अब नहीं होगा स्थायी निर्माण, हाई कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने लिया निर्णय

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  • डोरंडा बाजार के गांधी मैदान को बचाने के लिए श्रीराम भरत मिलाप समिति ने दायर की थी याचिका

Ranchi : झारखंड सरकार ने राजधानी के डोरंडा बाजार गांधी मैदान में किसी तरह का निर्माण नहीं करने का फैसला लिया है. हाई कोर्ट के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से यह अधिसूचना जारी की गयी है. श्रीराम भरत मिलाप समिति डोरंडा की ओर से दर्ज की गयी जनहित याचिका 880-2012 के मामले में न्यायाधीश डीएन पटेल की अदालत ने मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से दूसरी जगह जनता मार्केट बनाये जाने का हलफनामा प्रस्तुत करने के मामले को निरस्त करते हुए यह फैसला सुनाया. 26 अक्टूबर 2018 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत को श्री राम भरत मिलाप समिति की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि मार्केटिंग बोर्ड के फैसले से कोई तकरार नहीं है. समिति का मूल उद्देश्य गांधी मैदान को बचाना था.

मार्केटिंग बोर्ड बनाना चाहता था जी प्लस-3 मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स

झारखंड राज्य मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से डोरंडा बाजार गांधी मैदान में जी प्लस-3 मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था. 2011 में 1,22,482 वर्ग फीट का कॉम्प्लेक्स बनाकर उसे जरूरतमंद छोटे व्यवसायियों को आवंटित करने की योजना बनायी गयी थी. रांची के मास्टर प्लान के अनुरूप मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स का डिजाइन अनुमोदित करने के लिए नगर निगम को इसका प्रारूप भी सौंपा गया था. जनता बाजार के निर्माण में 18.96 करोड़ रुपये खर्च होने की बात भी कही गयी थी. इसका ही विरोध श्री राम भरत मिलाप समिति और डोरंडा काली बाजार समिति की तरफ से 2011 से ही शुरू कर दिया गया था. 26 जुलाई 2012 को गांधी मैदान बचाने के लिए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी. अविभाजित बिहार के समय मैदान को जनता बाजार घोषित किया गया था.

फिलहाल लगता है सब्जी बाजार

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डोरंडा बाजार गांधी मैदान में अस्थायी सब्जी बाजार लगता है. यहां पर साल में डोरंडा काली पूजा समिति की तरफ से एक बार एक सप्ताह तक चलनेवाली काली पूजा का भव्य आयोजन भी किया जाता है. शहर के बीचोंबीच स्थित इस मैदान को बचाने के लिए ही श्री राम भरत मिलाप समिति तथा अन्य संगठन आंदोलन भी करते रहे हैं.

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