न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अब घर बैठे ‘प्रसादम योजना’ से मंगायें रजरप्पा मंदिर का प्रसाद

34

Ranchi: रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर का प्रसाद अब घर बैठे भी मंगाया जा सकता है. डाक विभाग प्रसादम योजना के जरिये इसका लाभ भक्तों को देगा. इस योजना के तहत रजरप्पा मंदिर के प्रसाद को मनीआर्डर भेज कर पार्सल द्वारा मंगाने के लिए हज़ारीबाग डाक प्रमंडल द्वारा मां छिन्नमस्तिका न्यास समिति, रामगढ़ के साथ समझौता किया गया है.

इस सेवा का शुभारंभ मर्विन अलेक्जेंडर, सदस्य (कार्मिक), डाक सेवा बोर्ड, डाक निदेशालय, नई दिल्ली द्वारा कर्नल जलेश्वर कहंर, चीफ पोस्टमास्टर जनरल झारखण्ड, संजीव रंजन, पोस्टमास्टर जनरल (डाक व व्यवसाय विकास) झारखण्ड तथा सत्यकाम, निदेशक, डाक सेवाएं, झारखण्ड की उपस्थिति में बुधवार को डोरंडा जीपीओ में किया गया.

इसे भी पढ़ें:हमारे परिवार के पास 100 प्रॉपर्टी है तो यह कोई बड़ा मामला नहीं: हेमंत सोरेन

योजना के तहत देश भर में कोई भी श्रद्धालु माँ छिन्नमस्तिका के प्रसाद को मंगाने के लिए उप डाकपाल, गोला उपडाकघर के पदनाम पर 251 रुपया (200 ग्राम पैक के लिए) अथवा 501 रुपया (500 ग्राम पैक के लिये) का मनी आर्डर भेज कर इसे प्राप्त कर सकते हैं.

प्रसाद के रूप में मां छिन्नमस्तिका का फोटो, बेलपत्र, भभूत, मौली धागा, पेडा एवं चूडा श्रद्धालुओं को विशेष रूप से मां छिन्नमस्तिका न्यास समिति द्वारा तैयार डब्बों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जायेगा.

इस अवसर पर गोला उप डाकघर से स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्राप्त प्रसादम को दो ग्राहकों को वितरित भी किया गया. कार्यक्रम में माँ छिन्नमस्तिका न्यास समिति, रजरप्पा, रामगढ़ के अध्यक्ष अशेष पंडा, सचिव शुभाशीष पंडा, सदस्य एवं वरिष्ठ पुजारी अजय पंडा, रूपक कु सिन्हा (अधीक्षक, डाकघर, हज़ारीबाग मंडल) एवं परिमंडल कार्यालय के अन्य अधिकारी गण और कर्मचारी गण भी उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें:नीति आयोग की टीम के साथ हेमंत की बैठक, मांगे जीएसटी बकाया के 1500 करोड़

प्रसादम योजना से यहां का मंगा सकते हैं प्रसाद

गौरतलब है कि डाक विभाग द्वारा प्रसादम योजना पूर्व से चलाई जा रही है. इसके तहत देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तिरुमाला मंदिर केरल, हनुमान गढ़ी अयोध्या, बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर आदि के प्रसाद, चढ़ावे को भी श्रद्धालुओं तक स्पीड पोस्ट के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है. डाक विभाग द्वारा यह सेवा भारतवर्ष में कुल 57 जगहों पर उपलब्ध करायी गयी है.

इसे भी पढ़ें: हेमंत सरकार के पहले टर्म में भी भोजपुरी-मगही पर हो चुका है भाषाई विवाद

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: