Ranchi

अब राज्य में free blood दुर्लभ, अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन ने जताया विरोध

Ranchi: स्वास्थ्य विभाग के ब्लड मसले पर जारी हालिया आदेश का विरोध जारी है. अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के महासम्मेलन के प्रदेश सचिव संजय पोद्दार ने विभाग के संकल्प का विरोध जताते हुए कहा कि यह गरीब विरोधी नीति है. सम्मेलन इसका घोर विरोध करता है. सरकार अब जनता द्वारा रक्त दान किए गए खून को बेचकर अपना खजाना भरेगी. आयुष्मान योजना के लाभुक को भी नहीं फ्री में ब्लड का लाभ नहीं मिलेगा. सरकार को पता होना चाहिए कि आयुष्मान कार्ड से झारखंड में मध्य वर्गीय एवं गरीब परिवारों को इसका लाभ मिलता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच थी कि ऐसे लोग जो अपना इलाज नहीं करवा पाते हैं, जिन्हें अच्छी चिकित्सा नहीं मिल पाती है वैसे लोगों को आयुष्मान कार्ड में 5 लाख तक मुफ्त इलाज की व्यवस्था बने. इससे उन्हें अच्छी चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा.

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परंतु राज्य सरकार का यह निर्णय समझ से परे है. सरकार द्वारा यह आदेश निर्गत किया गया है कि अब मरीज को निजी अस्पताल को लिख कर देना होगा कि मरीज आयुष्मान योजना या किसी अन्य बीमा कंपनी से सूची वध नहीं है. निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीज को शुल्क देने पर सरकारी ब्लड बैंक से ब्लड मिल सकेगा, इसके लिए मरीजों को सरकारी ब्लड बैंक में प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा. निजी ब्लड बैंक एक यूनिट खून के लिए दो से 3 हजार रुपए तक लिए जाते हैं.

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सरकार अब खून की कालाबाजारी कराना चाहती है. राज्य की हजारों संस्थाएं ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर वैसे गरीब मरीजों की सहायता हेतु रक्तदान करती हैं ताकि जरूरतमंद मरीजों को ब्लड मिल सके. वहीं सरकार खून बेचकर खजाना भरना चाहती है. राज्य सरकार को यहां के लोगों की जनहित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को तुरंत वापस लेना चाहिए.

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