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अब किसानों को रुला रही प्याज की गिरती कीमतें, निर्यात से बैन हटाने की मांग

NewDelhi: कुछ दिनों पहले प्याज की कीमतें जहां सरकार के लिए सरदर्द बनी हुई थी, और लोगों को इसकी कीमत रुला रही थी, लेकिन अब इसकी गिरती कीमतें देश के किसानों को रुला रही हैं.

देश की सबसे बड़ी प्याज की होलसेल मार्केट लासलगांव में भारी मात्रा में फसल आने के चलते दामों में तेजी से गिरावट आयी है. सोमवार को बाजार में 18,000 क्विंटल प्याज एकसाथ पहुंचने के चलते रेट 2,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गया.

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निर्यात पर लगी पाबंदी हटाने की मांग

होलसेल मार्केट में प्याज की भारी फसल ने प्याज उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों ने सरकार से प्याज की गिरती कीमतों को रोकने के लिए कोई कदम उठाने की मांग की है. साथ ही सरकार से स्टॉक की लिमिट खत्म करने और निर्यात पर लगे बैन को हटाने की मांग की है.

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल सितंबर से दिसंबर के दौरान प्याज के दामों में आये भारी उछाल को रोकने के लिए स्टॉक की लिमिट तय करने के साथ ही निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र के लासलगांव की प्याज मंडी में दिसंबर में ही 8,625 रुपये क्विंटल तक में प्याज की खरीद हुई थी. लेकिन अब नई फसल आने से किसानों को उनकी उपज का महज 2,250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ही रेट मिल रहा है.

अब गिरती कीमतों के बाद महाराष्ट्र में किसान संगठनों ने सरकार से स्टॉक लिमिट और एक्सपोर्ट पर बैन को हटाने की मांग की है. इसके अलावा लोकसभा सांसद भारती पवार ने भी कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर प्याज के निर्यात से रोक हटाने की मांग की है.

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रोजाना आ रहा 25,000 क्विंंटल प्याज

लासलगांव की मंडी में इन दिनों प्याज ही प्याज दिख रहा है, ऐसे में किसान फसल की वाजिब कीमत को मोहताज है. सुवर्णा ने कहा कि उन्होंने राज्य और केंद्र की सरकार को पहले ही इस समस्या को लेकर अलर्ट कर दिया है.

कमिटी के पूर्व चेयरमैन जयदत्त होलकर ने बताया कि रोजाना मंडी में 20 से 25 हजार क्विंटल तक प्याज आ रहा है. ऐसे में मंडी में प्याज जमा हो रहे हैं और कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है. उन्होंने कहा कि हमने इस मसले पर केंद्र सरकार से बात की है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिल सका है.

इधर आयात हुए प्याज की बड़ी मात्रा सड़ रही है. सूत्रों के मुताबिक कुल 36,000 टन आयात किये गये प्याज में से 4 राज्यों ने ही 2,000 टन प्याज खरीदा है. इसके अलावा बाकी प्याज सड़ने को मजबूर है.

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