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अब सीएम हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन को भी चुनाव आयोग का नोटिस, गरमायी सियासत

Ranchi: विधायक बसंत सोरेन को भी चुनाव आयोग का नोटिस आया है. माइंस कंपनी का पार्टनर होने की शिकायत पर आयोग ने उन्हें नोटिस दिया है. गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने इस दावे की पुष्टि अपने ट्विटर पर की है. अपने ट्वीट में उन्होंने एक नयी जानकारी देने की बात कहते हुए बताया है कि चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के छोटे भाई व विधायक बसंत सोरेन की सदस्यता समाप्त करने का स्पष्टीकरण पूछा है. चूंकि बीजेपी ने ही आयोग के पास सीएम हेमंत को खनन पट्टा आवंटन के मामले में शिकायत की थी. सो प्रदेश भाजपा को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गयी है. चूंकि कुछ दिनों पूर्व ही आयोग की ओर से सीएम हेमंत को नोटिस भेजा जा चुका है. खदान पट्टा अपने नाम पर लेने के मामले में उन्हें अयोग्य ठहराने को लेकर जारी किये गये इस नोटिस पर सियासत जारी ही थी. अब बसंत को भी नोटिस आने से भी राज्य में सियासी हंगामा और तेज होने की पूरी संभावना बनती दिख रही है.

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5 दिनों में आयोग को सीएम को देना है जवाब

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गौरतलब है कि चुनाव आयोग द्वारा भेजे गये नोटिस का जवाब देने को सीएम हेमंत को 10 मई तक का समय दिया है. मतलब अब 5 दिनों के भीतर सीएम को अपना पक्ष रखना शेष है. अपने नोटिस में आयोग ने कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये. आयोग के मुताबिक जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 9ए के तहत हेमंत सोरेन को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य‍ ठहराया जा सकता है.

कैसे हैं राजनीतिक हालात

पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के खिलाफ खदान पट्टा मामले की शिकायत राज्ययपाल रमेश बैस से की थी. हेमंत पर उन्होंने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के नाम पर चान्हो (रांची) में 11 एकड़ सरकारी जमीन आवंटित करने का भी संगीन आरोप लगाया था. इसके बाद राज्यपाल ने इस पूरे मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग को सारे दस्तावेज भेजे थे. अब राजभवन की नजरें चुनाव आयोग से मिलने वाले मंतव्य पर हैं. इधर चुनाव आयोग द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद भाजपा इस पूरे मामले में लगातार आक्रामक रवैया अपनाए हुए है. विधायक दल के नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश समेत अन्य नेता सरकार से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं. संभावित कार्रवाई को लेकर भाजपा और झामुमो रेस हो गए हैं. सीएम की ओर से चुनाव आयोग को जवाब देने के लिए देश के जाने-माने वकीलों और विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है. झामुमो के मुताबिक समय पर हेमंत सोरेन का जवाब दाखिल कर दिया जाएगा.

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