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अब #NIA_Act के खिलाफ छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की

NewDelhi :  अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पर  कांग्रेस और मोदी सरकार में ठन गयी है.  NIA  एक्ट के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

खबरों के अनुसार  छत्तीसगढ़ सरकार  2008 के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की है.  इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने दीवानी मुकदमा दायर करते हुए  SC से मांग की कि NIA को राज्य पुलिस के मामले में कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए.

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छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने…

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छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार  NIA एक्ट राज्य द्वारा जांच करने के अधिकार को छीनने के साथ केंद्र को विवेकाधीन और मनमाना अधिकार देता है. NIA एक्ट संविधान के तहत राज्य को प्रदान किये गये स्वाधीनता के विचार के खिलाफ है.

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने NIA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दीवानी मुकदमा दायर किया है.एडवोकेट जनरल सतीश वर्मा के अनुसार, NIA द्वारा राजनीतिक रूप से जुड़े चुने हुए मामलों की जांच करने के कारण उन्हें याचिका दाखिल करनी पड़ी.

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पी चिदंबरम ने  26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद बिल पेश किया  था

NIA एक्ट, 2008 भारत के प्रमुख आतंकरोधी एजेंसी की कार्यप्रणाली को निर्धारित करता है. इसे तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद पेश किया गया था और बहुत ही कम विरोध के साथ पास कर दिया गया था. इस अधिनियम ने  NIA को अमेरिका के FBI की तरह CBIसे भी अधिक ताकत देकर देश का एकमात्र वास्तविक संघीय एजेंसी बना दिया था.

NIA एक्ट NIA को भारत के किसी भी हिस्से में आतंकवादी गतिविधि का स्वत: संज्ञान लेने, उस सरकार से अनुमति के बिना किसी भी राज्य में प्रवेश करने, लोगों की जांच करने और गिरफ्तार करने के लिए मुकदमा दर्ज करने की शक्तियां देता है.

एक सप्ताह  में केंद्रीय कानूनों के खिलाफ राज्य सरकारों द्वारा दायर किया गया यह दूसरा मुकदमा है. इससे पूर्व  मंगलवार को  नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की वैधता को चुनौती देते हुए केरल सरकार ने केंद्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था.

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