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अब ‘लालटेन’ लेकर राजनीति का रास्ता तलाशेंगे चिराग, जानिए लालू का संदेश लेकर कौन पहुंचा दिल्ली

Uday Chandra Singh

New Delhi: चाचा पशुपतिनाथ पारस के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद भतीजा चिराग पासवान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति मोह पूरी तरह भंग हो गया है. चिराग ने अब नये राजनीतिक समीकरण बिठाने शुरू कर दिए हैं और आरजेडी के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं. इस चर्चा को आज उस समय और बल मिला जब आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक और चिराग पासवान की दिल्ली में हुई मुलाकात की तस्वीरें ट्विटर पर सार्वजनिक हुईं.

स्वयं आरजेडी नेता श्याम रजक ने तस्वीरों के साथ ट्वीट करते हुए कहा कि , ‘आज नई दिल्ली स्थित 12 जनपथ आवास पर आदरणीय बड़े भाई स्व॰ रामविलास पासवान जी की धर्मपत्नी श्रीमती रीना पासवान जी व उनके पुत्र व सांसद श्री चिराग पासवान जी से शिष्टाचार मुलाकात किया.’

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इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या रजक लालू का कोई संदेश लेकर चिराग पासवान के पास पहुंचे थे? कयास इसलिए भी तेज है कि लोजपा में हुई टूट के बाद पहली बार चिराग से आरजेडी के किसी बड़े नेता ने मुलाकात की है.

उल्लेखनीय है कि लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सांसद चिराग पासवान को केंद्रीय मंत्रिमंडल में चाचा और सांसद पशुपति पारस को शामिल करने का फैसला रास नहीं आया है. वे बीते शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचे थे लेकिन कोर्ट ने चिराग पासवान की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा पशुपति कुमार पारस को सदन में पार्टी के नेता के तौर पर मान्यता देने को चुनौती दी थी.

हाई कोर्ट ने साफ कहा कि, ‘यह पहले से अच्छी तरह स्थापित है कि सदन के आंतरिक विवादों के नियमन का अधिकार अध्यक्ष का विशेषाधिकार है.’ हालांकि कोर्ट के इस फैसले को वो अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं.

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