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सीएम के करीबियों के शेल कंपनी मामले में बसंत सोरेन, रवि केजरीवाल को नोटिस जारी

HC में मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े शेल कंपनी व खनन मामले में आज फिर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. आज अदालत ने विधायक बसंत सोरेन (सीएम हेमंत के भाई) और रवि केजरीवाल को नोटिस जारी किया है. अदालत ने उपायुक्त के जरिए नोटिस भेजने का निर्देश दिया. साथ ही नोटिस के आदेश का अनुपालन के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इस मामले से पांच प्रतिवादियों के नाम हटाने का निर्देश दिया. इनमें रमेश केजरीवाल, राजीव अग्रवाल, निधि अग्रवाल, प्रेम नाथ माली, रंजन साहू शामिल हैं. मामले में अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी.

मनरेगा घोटाला मामले में कोर्ट ने पूछा कि क्या इस मामले में आरोप पत्र दाखिल हो गया है जिसपर ईडी की ओर से कहा गया चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. अदालन ने इस चार्जशीट को कोर्ट के रिकॉर्ड पर लाने को कहा. मालूम हो कि इस मामले को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट भी गई थी. सरकार की ओर से मामले की मेंटनेंसिबलिटी पर सवाल उठाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसका फैसला होईकोर्ट को करने के लिए कहा था. सरकार की ओर से बार-बार मामले की सुवनाई रद करने की भी मांग की जाती रही है. मगर हाईकोर्ट इसके लिए तैयार नहीं है. बार-बार सुनवाई जारी रखने की बात की जा रही है.

 

इस मामले के याचिकाकर्ता शिव शंकर शर्मा हैं. इन्होंने अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से जनहित याचिका दायर की थी. अधिवक्ता राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए राजधानी रांची के चर्चित बिजनेसमैन रवि केजरीवाल, रमेश केजरीवाल एवं अन्य को दिया जाता है. यह पैसा 24 कंपनियों के माध्यम से दिया जा रहा है और इन कंपनियों के माध्यम से ब्लैक मनी को वाइट मनी बनाया जा रहा है. इसलिए याचिका के माध्यम से अदालत से जांच की मांग की गई है. सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स से पूरी संपत्ति की जांच की मांग की गई है. इस मामले में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, सीबीआई, ईडी, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन, रवि केजरीवाल, रमेश केजरीवाल, राजीव अग्रवाल एवं अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है.

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