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नोटबंदी : एक्शन शुरू, बैंकखातों में बेहिसाब राशि जमा करने वालों को बेनामी ऐक्ट में नोटिस

नोटबंदी के लगभग दो साल बीत जाने कं बाद आय कर विभाग ने उन लोगों के विरुदघ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने अपने बैंक खातों में अनअकाउंटेड राशि जमा की थी

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Mumbai : नोटबंदी के लगभग दो साल बीत जाने कं बाद आय कर विभाग ने उन लोगों के विरुदघ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने अपने बैंक खातों में अनअकाउंटेड राशि जमा की थी. खबरों के अनुसार रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने इन खाता धारकों को बेनामी ऐक्ट के तहत शुरुआती नोटिस भेजे हैं.  उनसे जमा की गयी नकदी का स्रोत बताने को कहा गयर है . बताया गया है कि पहले चरण में लगभग 10,000 लोगों को नोटिस भेजे गये है. आने वाले दिनों में दूसरे लोगों को भी नोटिस भेजे जा सकते हैं.  बता दें कि नवंबर 2016 में की गयी . इस सबंध में एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने कहा कि  राशि तो लौटी है बैंकिंग सिस्टम में, लेकिन वह किसी न किसी नाम से जुड़ी हुई है. कहा कि अनअकाउंटेड खातों पर न केवल आयकर विभाग, बल्कि अन्य सरकारी विभाग भी अब इस डेटा का उपयोग भविष्य में जांच में करने वाले हैं.

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कई लोगों को जेल की सजा भी हो सकती है

जानकारों का कहना है कि बेनामी ऐक्ट के नोटिसों के आालोक में कई लोगों को जेल की सजा भी हो सकती है. अशोक माहेश्वरी ऐंड असोसिएट्स के पार्टनर अमित माहेश्वरी के अनुसार आयकर विभाग को जिन कैश डिपॉजिट के बेहिसाबी, बेनामी होने का शक है, उन खाताधारकों को अब बेनामी नोटिस भेजे गये हैं. कहा कि अभी फोकस सिर्फ बड़े ट्रांजैक्शंस पर रहा है, लेकिन इन नोटिसों का मतलब यह है कि टैक्स चोरी करने वालों की शामत आ सकती है. सूत्रों के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा बिग डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कियास जा रहा है. बता दें कि आयकर विभाग फोन रेकॉर्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन डिटेल, टैक्स स्ट्रक्चर के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हासिल की गयी सूचनाएं भी खंगाल रहा है. सूत्र बताते हैं कि विभिन्न स्रोतों से हासिल डेटा से एक पैटर्न का पता चलता है. साथ ही एनालिटिक्स से संदेह वाली चीजों का खुलासा होता है. टैक्स अधिकारी इनकी जांच कर सकते हैं.

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बेनामी नोटिस अभी शुरुआती स्तर के हैं

कहा गया कि बेनामी नोटिस अभी शुरुआती स्तर के हैं. इस संबंध में केपीबी ऐंड असोसिएट्स के पार्टनर पारस सावला ने कहा कि नोटिस उन लोगों को जारी किये गये हैं, जिन्होंने अनअकाउंटेड कैश जमा किया था या  कैश डिपॉजिट उनकी इनकम के अनुसार नहीं था. यह भी कहा कि कई मामले ऐेसे सामने आये हैं, जिनमें ऐसे बैंक खातों में पैसे जमा किये गये, जो उनके नहीं थे . बताया कि नोटिस भेजे जाने का मतलब बैंक खाता धारक और पैसे जमा करने वाले, दोनों को बेनामी ऐक्ट के तहत जांच का सामना करना हर हाल में करना होगा. बता दें कि
इससे विभाग द्वारा कथित टैक्स चोरों को नोटिस भेजे गये थे और उनकी संपत्ति पर छापे मारे गये थे. जिन  बेनामी प्रॉपर्टी रखने वालों को नोटिस गये, उनमें कुछ अमीर लोगों के ड्राइवर या उनके रिश्तेदार थे. कहा गया कि अमीरों ने आय कर देने से बचने के लिए इनके नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी हो सकती है.

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