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JBVNL: जिस IAS RAHUL PURWAR पर रघुवर सरकार पांच साल तक मेहरबान रही, उसके खिलाफ अब क्यों शुरु हुई कार्रवाई

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Ranchi: 25 जुलाई 2019 को JBVNL के तत्कालीन एमडी राहुल पुरवार के खिलाफ विधानसभा में टाटा कंपनी के अधिकारियों से कमीशन लेने के आरोपों को लेकर जम कर हंगामा हुआ था.

हेमंत सोरेन बतौर विपक्ष के नेता तत्कालीन एमडी पर आरोप लगा रहे थे कि जिस विभाग के मंत्री रघुवर दास हैं, वहां भ्रष्टाचार का खेल जम कर हो रहा है.

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टाटा कंपनी को भुगतान करने के एवज में राहुल पुरवार की तरफ से कमीशन मांगी जा रही है. मामले को लेकर विभाग की सचिव वंदना डाडेल ने जांच की. उन्होंने जांच में लगाये गये आरोपों को सही बताया.

वंदना डाडेल ने अपनी रिपोर्ट सरकार को अगस्त में ही सौंप दी थी. लेकिन तत्कालीन रघुवर सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी. अब करीब छह महीने के बाद मामले को लेकर कार्रवाई हो रही है.

सरकार की तरफ से कार्मिक ने तत्कालीन जेबीवीएनएल एमडी राहुरल पुरवार को मेमो नोटिस भेजा. नोटिस में उनसे उनका पक्ष मांगा जा रहा है. श्री पुरवार अपना जवाब तैयार कर रहे हैं. अगले हफ्ते वो अपना जवाब कार्मिक को सौंप सकते हैं.

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क्या है सचिव की रिपोर्ट में

वंदना डाडेल ने मामले से संबंधित सभी फाइलों की गहन जांच की. रिपोर्ट में हर उस दिन का उल्लेख किया गया था, जब फाइल जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार के पास आयी और गयी. कब कितना भुगतान हुआ, इन सारी बातों का उल्लेख करते हुए सचिव ने कहा कि जिस अवधि की यह शिकायत है. उस अवधि में एमडी राहुल पुरवार ने बिना किसी ठोस आधार के बार-बार भुगतान को लेकर पूछताछ की.

सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद बिल भुगतान में औसतन पांच महीने का समय लगाया. जिससे यह साबित होता है कि जिन भुगतान के लिए एमडी पर आरोप लगे थे, उनमें जानबूझ कर भुगतान करने में देरी की गयी. औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी बार-बार भुगतान में देरी को महज एक इत्तेफाक या संयोग नहीं कहा जा सकता.

हालांकि जिस तरह के आरोप टाटा कंपनी के अधिकारियों की ओर से एमडी राहुल पुरवार पर लगाये गये हैं, उसके सभी तथ्यों की पुष्टी नहीं होती है. लेकिन इन आरोपों को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता.

सचिव सह ऊर्जा विभाग की सीएमडी वंदना डाडेल ने आगे अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ऐसा देखा गया है कि जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार के खिलाफ बार-बार शिकायतें आ रही हैं. विद्युत मंत्रालय भारत सरकार की भी तरफ से शिकायत मिली है. जिसमें शिकायतकर्ता जफर इकबाल और विजय अमृत हैं.

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राजस्व और भुगतान को लेकर हैं काफी शिकायतें

साथ ही कहा कि जो भी शिकायतें आ रही हैं, वो सारी जेबीवीएनएल के राजस्व और भुगतान को लेकर आ रही हैं. यानी पैसों के लेन-देन की शिकायतें हैं. वंदना डाडेल ने अपनी रिपोर्ट में भी इस बात का भी उल्लेख किया है कि राहुल पुरवार लगातार चार साल से ज्यादा से जेबीवीएनएल के एमडी बने हुए हैं.

लेकिन इस लंबे समय में राजस्व को बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है. यही वजह है कि उदय योजना के बावजूद जेबीवीएनएल की आर्थिक स्थिति सुधर नहीं पा रही है. इस वक्त जेबीवीएनएल की वित्तीय स्थिति काफी खराब है.

रिपोर्ट के आखिरी हिस्से में वंदना डाडेल ने कहा है कि जेबीवीएनएल में एमडी राहुल पुरवार से ज्यादा सीनियर कोई अधिकारी नहीं है. इसलिए जांच कर आगे की कार्रवाई करने में दिक्क्त आ रही है. उन्होंने सारी शिकायतों की जांच के लिए वरीय अधिकारियों का जांच दल बना कर सभी शिकायतों की जांच करने का अनुरोध किया.

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