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रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी, सात दिन में मकान खाली करने का नोटिस, किसानों ने और समय देने की उपायुक्त से गुहार लगायी

भंडारगढा गांव की सड़क बंद होने के कगार पर पहुंच गयी है. रेलवे प्रशासन द्वारा जल्द नयी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो लोगों तथा छात्र छात्राओं को अस्पताल एवं स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जायेगा

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Latehar : टोरी-महुआमिलान बीरा टोली नयी बीजी रेल लाइन का निर्माण कार्य किये जाने से भंडारगढा गांव की सड़क बंद होने के कगार पर पहुंच गयी है. रेलवे प्रशासन द्वारा जल्द नयी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो लोगों तथा छात्र छात्राओं को अस्पताल एवं स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जायेगा. ग्रामीण बरन भोगता, गुजरा गंझु, रूपन गंझु, अर्जुन गंझु, लखन गंझु, छतरपाल गंझु, रंजीत गंझु, बिरबल गंझु, दसांई गझु, राजकुमार गंझु, झूबरा गंझु, बीनु गंझु, त्रिभुवन गझु, चमन भोगता, किशोर गंझु ने बताया कि रेल लाईन बिछाने का कार्य बीरा से भंडारगढा सड़क तक पहुंच गया है, महुआमिलान से भंडारगढा तक आ गया है.

पांच सौ फीट में लाइन बिछना बाकी है. कहा कि लोगों को आने जाने के लिए रेलवे द्वारा अबतक सड़क नहीं बनायी गयी है. पांच सौ फीट मे लाइन बिछते ही सड़क बंद हो जायेगी. सड़क बंद होने से मरमर, माल्हन, महुआमिलान, तुरीसोत, तिलैयादामर, केकराही, पुतरीटोला, फुलटांड़, रक्सी, पिपराही, लोहसींगना, डुरू, देवनदिया, ढोटी, सेकलेतरी सहित दर्जन गांवों के लोगों को प्रभावित होना पड़ेगा.

रेलवे द्वारा बनायी जा रही सड़क को बिना पूरी किये  लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण किया गया तो छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल एवं लोगों को अस्पताल, शहर हॉट जानेआने के लिए भारी परेशानी  होगी. ग्रामीणों ने उपायुक्त जिशान कमर से मांग की है कि गांव के लोगों को अस्पताल, बजार हॉट एवं स्कूल की सुविधाएं  बरकरार रहने  के लिए रेलवे सड़क का निर्माण जल्द से जल्द करवाये.

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 सात दिन में मकान खाली करने का नोटिस किसानों के साथ अन्याय : अयूब खान

चंदवा-टोरी महुआमिलान बीराटोली नयी बीजी रेलवे लाइन निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि खाता संख्या 84, 18 प्लॉट संख्या 875, 877  पर अवस्थित मकानों को 7 दिन में खाली करने के लिए नोटिस दिया जाना किसानों के साथ अन्याय है. प्रभावित किसानों से मुलाकात के बाद माकपा के वरिष्ठ नेता अयूब खान ने यह बात कही.  पूर्व पंचायत समिति सदस्य फहमीदा बीवी भी साथ थी.  उन्होंने कहा कि मकान खाली करने के लिए इतना कम समय प्रर्याप्त नहीं है.  11 जुलाई को किसानों को मकान खाली करने के लिए नोटिस थमाया गया और 18 जुलाई को खाली करने का फरमान सुना दिया गया. यह किसानों के हित में नहीं है.

नोटिस मिलने से गांव भुसाढ  टोला भंडारगढा के किसानों की नींद उड़ी हुई है, वह घर की खेती गृहस्थी भी नहीं कर पा रहे हैं. बैल बकरी दूसरों के घरों में उन्हें बांधना पड़ रहा है, किसान तनाव में हैं. अंचलाधिकारी ने किसानों  को नोटिस देकर अल्टीमेटम दिया है कि 7 दिन में घर खाली कर दिया जा,, नोटिस में कहा गया है कि 18 जुलाई तक घर तोड़ दें, जगह खाली कर दें.

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  जेसीबी से मकान तोड़ेंगे, हर्जाना मकान मालिक से वसूला जायेगा

नोटिस पाने वाले किसान रमेश गझु, मुरता गंझु, गुजरा गंझु, बरन भोगता, जेठु उरांव ने कहा कि इस वर्षा के मौसम में  हम लोग कहां जायें.  कहा कि किसानों को नहीं सुनी जा रही है.  वर्षात में हमारा आशियाना उजाड़ दिया गया तो खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हो जायेंगे. किसानों के अनुसार  मकानों की लागत से कम मुआवजा राशि दी गयी है.  राशि मिले करीब डेढ माह हो रहे हैं. इतने कम समय में दूसरप जगह नया मकान कैसे बना सकते हैं. हम मकान खाली करेंगे. हम लोगो को मकान खाली करने के लिए वर्षात तक का समय दिया जाये.

महिलाओं ने बताई अपनी पीड़ा

अपनी पीड़ा बताते हुए लक्षमी देवी, सलमी देवी, पार्वती देवी, गीता देवी, मनतोरिया देवी सहित अन्य महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए कहा कि हमारे बचाव में कोई भी नहीं आ रहा है.  उपायुक्त और अंचल कार्यालय के चक्कर काट लिये, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही है.  ऐसे हालत में यदि हमें बेघर कर दिया तो हम अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कहां जायेंगे. किसानों ने 15 जुलाई को आवेदन देकर और समय देने के लिए उपायुक्त जिशान कमर और अंचलाधिकारी मुमताज अंसारी से गुहार लगाई है.

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