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कोयला लोडिंग के नाम पर रंगदारी लेनेवालों पर नहीं हो रही कार्रवाई,  कोयला मंत्री गोयल से शिकायत

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Dhanbad: राजमहल के झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद विजय कुमार हांसदा ने कोयला मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर कोयले की लोडिंग के नाम पर रंगदारी मांगनेवालों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर क्षोभ प्रकट किया है. उन्होंने कोयला मंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि बीसीसीएल की एरिया 1 से लेकर 5 तक की कोलियरियों में स्थानीय माफिया की रंगदारी वसूली की मांग को लेकर कोयला लोडिंग बंद है. दुखद यह है कि सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने मंत्री गोयल से अविलंब समुचित कार्रवाई की मांग की है.

आखिर क्या है सच !

क्या सचमुच बीसीसीएल की कोलियरियों से कोयला की ढुलाई रंगदारी के कारण बीते एक महीने से अधिक समय से ठप है? इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन ने अपनी कई बैठकों में खुलकर यह कहा कि मामले को लेकर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल धनबाद डीसी ए दोड्डे से मिला और उन्हें स्मारपत्र दिया. डीसी ने मामला सुलझाने के नाम पर एक आठ सदस्यीय समिति बना दी.

इस समिति की गुरुवार को हुई पहली बैठक में रंगदारी की बात चर्चा में आयी ही नहीं. डीसी के साथ हुई बैठक में भी रंगदारी की बात नहीं की गयी. पूरे एक महीने तक रंगदारी की बात पर माहौल गर्म करनेवाले एसोसिएशन के लोग अब नयी ही बात कर रहे हैं. बात है कि कोयला की लोडिंग बीसीसीएल कराएगी या डीओ होल्डर खुद कराएंगे. सवाल है कि आखिर रंगदारी के मामले पर शोर क्यों मचाया गया और अब मामले को नया मोड़ क्यों दिया जा रहा है?

सवाल यह भी महत्वपूर्ण है

– क्या हार्ड कोक इंडस्ट्रीज वाले बीसीसीएल की कोलियरी से पे लोडर से कोयला लेना पसंद करेंगे या आरओएम के बदले स्टीम कोयला मजदूरों से चुनवाकर लेना चाहेंगे ?

– क्या यह बात सही नहीं है कि लिंकेज के कोटा से मिलनेवाले आरओएम कोयले के बदले स्टीम कोयला लेबर से चुनवा कर लेनेवाले कुछ हार्ड कोक भट्ठावाले इसे सीधे बाजार में बेच देते हैं? कई भट्ठे हैं जहां भट्ठा जलाये बिना धड़ल्ले से कारोबार हो रहा है. इनमें से कुछ भट्ठों से हाल ही पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी का कोयला बरामद किया है. एक स्वाभाविक सवाल यह भी है कि एक माह से कोयला नहीं मिलने के बाद भी भट्ठे चल रहे हैं या बंद हैं?

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