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टिकट नहीं मिला, तो नाराज  शकील अहमद ने राहुल को इस्तीफा भेजा, मधुबनी से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे

अहमद ने ट्वीट किया कि मैंने कल मंगलवार को मधुबनी लोकसभा सीट से निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल करने का फैसला किया है.  मैं कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे रहा हूं.

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Patna : बिहार के मधुबनी से टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेता शकील अहमद ने सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने की घोषणा की.  इस क्रम में अहमद ने ट्वीट किया कि मैंने कल मंगलवार को मधुबनी लोकसभा सीट से निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल करने का फैसला किया है.  मैं कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे रहा हूं.  मैं राहुल गांधी को इस्तीफा भेज रहा हूं.  बता दें कि गठबंधन के तहत मधुबनी की सीट विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को दी गयी है.  श्री अहमद पहले भी मधुबनी से सांसद रहे हैं.  वह इस सीट से टिकट मांग रहे थे. इस संबंध में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी हमें उनके इस्तीफे की जानकारी नहीं है.

शकील अहमद हमारे वरिष्ठ नेता है. अगर उन्होंने इस्तीफा दिया है तो हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे. शकील अहमद 1998 और 2004 में में मधुबनी सीट से लोकसभा सदस्य रहे थे.  वे 1985, 1990 और 2000 में विधायक चुने गये थे.
शकील ने राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया तथा 2004 में केंद्र में सत्तासीन रहे मनमोहन सिंह की सरकार में संचार, आईटी और गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे थे.

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मुझे पार्टी का चिन्ह देकर दोस्ताना मुकाबले में उतरने की अनुमति दी जाये

इससे पूर्व पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी  राजद का टिकट नहीं मिलने से नाराज हेाकर मधुबनी लोकसभा सीट से महागठबंधन उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं.  शकील अहमद ने सोमवार को भाषा को बताया कि मैंने पार्टी (कांग्रेस) के चिन्ह के लिएआग्रह किया है. मेरा राहुल जी से संवाद हुआ है.  कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल जी से मेरी कल भी बातचीत हुई है. शकील अहमद ने कहा,  मैंने आग्रह किया है कि जिस तरह से चतरा में हमारे उम्मीदवार के खिलाफ राजद ने दोस्ताना मुकाबले के रूप में अपना उम्मीदवार खड़ा किया है.  उसी तरह से मधुबनी में मुझे पार्टी का चिन्ह (कांग्रेस) देकर दोस्ताना मुकाबले में उतरने की अनुमति दी जाये.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सुपौल का भी उदाहरण है , जहां कांग्रेस उम्मीदवार रंजीत रंजन के खिलाफ राजद ने एक निर्दलीय का समर्थन किया है, उसी तरह से मुझे निर्दलीय के रूप में पार्टी (कांग्रेस) समर्थन दे सकती है.  उन्होंने कहा, या तो चतरा की तरह, या सुपौल की तरह.. जो उचित हो, पार्टी सहयोग करे.  मैं मधुबनी सीट से पार्टी की तरह से नामांकन दाखिल करूंगा. मैंने पार्टी चिन्ह के लिएआग्रह किया है.  बता दें कि इस बार महागठबंधन के घटक दलों में से एक विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को मधुबनी सीट मिली है.  वीआईपी ने बद्री पुर्बे को मधुबनी से अपना उम्मीदवार बनाया है.  पूर्वे का मुकाबला भाजपा ने दिग्गज सांसद हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे अशोक यादव से है.

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